Thanesar Anaj Mandi: थानेसर मंडी में गेट पास न कटने पर आमरण अनशन पर बैठे पूर्व सरपंच, किसान यूनियन ने दिया समर्थन
थानेसर मंडी में गेट पास न कटने पर आमरण अनशन पर बैठे पूर्व सरपंच, किसान यूनियन ने दिया समर्थन
Thanesar Anaj Mandi: कुरुक्षेत्र की प्रसिद्ध थानेसर अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू होते ही तकनीकी खामियां और पोर्टल वेरिफिकेशन किसानों के गले की फांस बन गई हैं। मंडियों में अपनी खून-पसीने की उपज लेकर पहुंचे किसानों के गेट पास नहीं कट रहे हैं, जिससे नाराज होकर अब किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। बुधवार को कैंथला खुर्द गांव के पूर्व सरपंच और पूर्व सांसद गुरदयाल सैनी के पुत्र राजेंद्र सिंह मार्केट कमेटी थानेसर के दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
इस आंदोलन को देखते हुए शहीद भगत सिंह किसान यूनियन पूरी तरह से पूर्व सरपंच के समर्थन में उतर आई है। यूनियन पदाधिकारियों ने अपने अन्य साथी किसानों से भी भारी संख्या में थानेसर मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचने की अपील की है, जिसके बाद मंडी परिसर में किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया है।
10 दिन से शेड में पड़ी है फसल, 3 दिन से लगा रहे दफ्तरों के चक्कर
अनशन पर बैठे पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वे करीब 10 एकड़ की धान की फसल पिछले 10 दिनों से मंडी में लेकर आए हुए हैं। वे 25-26 सितंबर से ही गेट पास कटवाने के लिए मंडी और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर उनकी फसल का वेरिफिकेशन शून्य दिखा रहा है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों के सामने बार-बार गुहार लगाने और अल्टीमेटम देने के बावजूद किसी ने उनकी सुध नहीं ली। मजबूरी में प्रशासन की इस नाकामी के खिलाफ उन्हें आमरण अनशन का रास्ता चुनना पड़ा।
कल किसान ने जड़ा था ताला, जेब से माचिस निकाल दी थी आत्मदाह की चेतावनी
थानेसर मंडी में सिस्टम की इस लाचारी से किसान किस कदर खफा हैं, इसका अंदाजा मंगलवार को घटी घटना से लगाया जा सकता है। बारवा गांव के किसान गुरचरण सिंह जब करीब 6 एकड़ धान की ट्राली लेकर मंडी पहुंचे, तो पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न दिखने का हवाला देकर उनका गेट पास काटने से मना कर दिया गया।
गुस्साए किसान गुरचरण सिंह ने गेट पास बनाने वाले कमरे पर ही बाहर से कुंडी और ताला लगा दिया। इतना ही नहीं, किसान ने जेब से माचिस निकालकर अधिकारियों के सामने साफ कह दिया कि यदि उसकी मेहनत का गेट पास नहीं काटा गया तो वह यहीं खुद को आग लगा लेगा। बाद में अधिकारियों द्वारा गेट पास जारी करने के आश्वासन के बाद ही किसान ने ताला खोला था।
महज 20 फीसदी किसानों का ही पोर्टल पर दिख रहा वेरिफिकेशन: किसान यूनियन
शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव दिलबाग सिंह ने सरकार और मंडी प्रशासन की व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक या दो किसानों की नहीं है, बल्कि पूरी मंडी में धान लेकर आ रहे अधिकांश किसान इससे त्रस्त हैं।
दिलबाग सिंह ने दावा किया कि मंडी में आए किसानों में से महज 20 फीसदी का ही डेटा पोर्टल पर सही दिख रहा है, बाकी 80 फीसदी किसान सिर्फ अधिकारियों की मिन्नतें करने और चक्कर काटने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पोर्टल की इस खामी को तुरंत दुरुस्त कर सभी किसानों के गेट पास जारी नहीं किए गए, तो किसान यूनियन मंडी का कामकाज पूरी तरह ठप करने से पीछे नहीं हटेगी।
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