October 1, 2026

Nangal Chaudhary : दौंखेरा पहाड़ पर बिना अनुमति खनन और हरे पौधों को उजाड़े जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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Nangal Chaudhary : दौंखेरा पहाड़ पर बिना अनुमति खनन और हरे पौधों को उजाड़े जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Nangal Chaudhary : दौंखेरा पहाड़ पर बिना अनुमति खनन और हरे पौधों को उजाड़े जाने से ग्रामीणों में आक्रोश, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Nangal Chaudhary : (विजय यादव) दौंखेरा पहाड़ पर बिना अनुमति खनन गतिविधियां शुरू होने और हरे पौधों को उखाड़े जाने से ग्रामीणों में रोष है। आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पहाड़ पर चल रही खनन गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रुकवाने की मांग की।

 

 

साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों पर खनन गतिविधियों में मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो खंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

 

 

ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे लालचंद गुर्जर ने बताया कि दौंखेरा पहाड़ के समीप आवासीय मकान होने के साथ-साथ मंदिर और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों का आवागमन होता है।

 

 

आरोप है कि पिछले करीब 15-20 दिनों से पहाड़ पर खनन गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं। कथित तौर पर खनन में पापलैंड मशीनों का इस्तेमाल कर मिट्टी और पहाड़ की खुदाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल पहाड़ की तलहटी में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण किया गया था।

 

 

इन पौधों के पेड़ बनने से पहले ही खनन गतिविधियों के चलते बड़ी संख्या में पौधों को उखाड़ दिया गया। इससे ग्रामीणों में पर्यावरण को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पहाड़ पर अनियंत्रित खनन से प्राकृतिक भू-आकृति प्रभावित होने के साथ मिट्टी का कटाव बढ़ सकता है।

 

 

खुदाई के दौरान उड़ने वाली धूल से आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने और आबादी में रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। वहीं भारी मशीनों और वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है। मंदिर व सार्वजनिक स्थानों के समीप होने के कारण ग्रामीणों ने बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई।

 

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच करवाकर खनन गतिविधियों को तत्काल रुकवाने, पेड़ों व पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई करने तथा यह स्पष्ट करने की मांग की कि खनन के लिए किसी प्रकार की अनुमति जारी हुई है या नहीं।

 

 

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीण खंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस संदर्भ में एसडीएम उदय सिंह ने ग्रामीणों को मामले की जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

 

 

 

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