Karnal Fraud Case: जीरकपुर और अंबाला के एजेंटों ने करनाल के युवकों को ठगा, पुलिस ने दर्ज किया केस
जीरकपुर और अंबाला के एजेंटों ने करनाल के युवकों को ठगा, पुलिस ने दर्ज किया केस
Karnal Fraud Case: हरियाणा से युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और ‘डंकी’ नेटवर्क का एक और दर्दनाक सच करनाल जिले से सामने आया है। निसिंग क्षेत्र के दो युवकों को इंग्लैंड में पक्की एंट्री दिलाने का सपना दिखाकर जालसाजों ने परिजनों से 44 लाख रुपये ऐंठ लिए। पैसों की अदायगी के बावजूद युवकों को कानूनी चक्करों में फंसा दिया गया, जिसके चलते वे करीब दो महीने तक ब्रिटेन के डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) में यातनाएं झेलने को मजबूर रहे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने गहन जांच के बाद एफआईआर (FIR) दर्ज की। निसिंग निवासी राहुल की ओर से करनाल के पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई शिकायत के अनुसार, जीरकपुर निवासी सोनू ने उसकी मुलाकात अंबाला निवासी राजन से कराई थी, जो खुद को बड़ा वीजा एजेंट बताता था। राजन ने राहुल के चचेरे भाई प्रदीप और गांव ओगंद निवासी शक्ति को 56 लाख रुपये में इंग्लैंड भेजने का सौदा तय किया था।
दिल्ली से फ्लाइट के बाद डिटेंशन सेंटर पहुंचे युवक, छुड़ाने के नाम पर ऐंठे 44 लाख
शिकायतकर्ता ने बताया कि शुरुआती शर्त के मुताबिक पैसे युवक के इंग्लैंड पहुंचने के बाद दिए जाने थे। दोनों युवकों को दिल्ली से इंग्लैंड की फ्लाइट में बैठाया गया, लेकिन वहां उतरते ही एयरपोर्ट पुलिस ने उन्हें अवैध प्रवेश के आरोप में हिरासत में ले लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी राजन ने राहुल को फोन कर डराया और युवकों को जेल से बाहर निकालने के नाम पर 56 लाख रुपये की तत्काल मांग की।
घबराए परिवार ने अपने बच्चों की सलामती के लिए 12 लाख रुपये नकद और 32 लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से राजन व उसके साथी अनुज भास्कर के खातों में जमा करा दिए। 44 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम हड़पने के बाद भी शातिर ठगों ने युवकों की कोई मदद नहीं की। आखिरकार परिजनों ने अपनी जेब से भारी रकम खर्च कर ब्रिटेन में वकील किया और प्रदीप को जमानत पर बाहर निकाला, जबकि शक्ति को डिपोर्ट कर वापस भारत भेज दिया गया।
पैसे मांगने पर बीच में आया नया बिचौलिया, कनाडा का फर्जी वीजा थमाकर फिर ठगे 2.45 लाख
जब डिपोर्ट होकर लौटे शक्ति के परिजनों ने अपने 26 लाख रुपये वापस मांगे, तो इस खेल में करनाल के असंध तहसील के गांव चौरकारसा निवासी परमजीत की एंट्री हुई। परमजीत ने राजन का जमानती बनकर रकम लौटाने की गारंटी दी, लेकिन पैसे वापस करने के बजाय उसने एक और नया जाल बिछा दिया। परमजीत ने शक्ति के चाचा रणबीर को झांसा दिया कि वह डायरेक्ट कनाडा का वीजा लगवाता है।
परमजीत ने गांव के ही दो अन्य युवकों—करण और अरुण के पासपोर्ट ले लिए और उनके नाम से फर्जी कनाडा वीजा तैयार कर परिवार को सौंप दिया। वीजा के एवज में उसने 2 लाख रुपये नकद और 45 हजार रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब परिवार ने वीजा की जांच कराई तो वह पूरी तरह फर्जी निकला। निसिंग थाना पुलिस ने अब पीड़ित परिवार की शिकायत, चेक और शपथ पत्रों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की आगामी जांच एएसआई स्वदेश को सौंपी गई है।
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