मोहाली में नाबालिग से यौन शोषण का आरोप: विरोध पर जान से मारने की धमकी दी; केमिकल पिलाया, 3 अरेस्ट
मोहाली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप
Mohali crime news: मोहाली के बलटाना में 15 वर्षीय नाबालिग ने कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी और उसके चार साथियों पर यौन शोषण, मारपीट, जान से मारने की धमकी और जबरन केमिकल पिलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ज्ञानी, आर्यन, विशाल, साहिल और अरविंद के खिलाफ हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पीड़िता ने कंपनी के मालिक अनशुल पर भी आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
21 अगस्त को बेसमेंट में गला दबाने की कोशिश का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह एक कंपनी में हेल्पर के तौर पर काम करती है। इसी कंपनी में काम करने वाला ज्ञानी कथित तौर पर उससे बातचीत करता था और बाद में उसे बहला-फुसलाकर उसके साथ गलत काम किया। पीड़िता के अनुसार, कुछ समय बाद ज्ञानी ने दोबारा उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की। इस पर उसने विरोध किया और परिवार को पूरी बात बताने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद ज्ञानी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के बयान के मुताबिक, धमकी के बाद वह डर गई थी। इसके बावजूद घटना यहीं नहीं रुकी और 21 अगस्त को कंपनी के बेसमेंट में उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 21 अगस्त 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे वह कंपनी के बेसमेंट में काम कर रही थी। इसी दौरान ज्ञानी वहां पहुंचा और उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो ज्ञानी ने उसकी चुन्नी से उसका गला दबाने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बाद उसे बेड पर फेंक दिया गया। पीड़िता ने बताया कि उस समय वहां अरविंद, आर्यन, साहिल और विशाल भी मौजूद थे। उसका आरोप है कि घटना के दौरान सभी आरोपी वहां मौजूद थे और उसे घेर लिया गया था। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
विरोध करने पर घेरा, बोतल से जबरन केमिकल पिलाने का आरोप
पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि जब उसने अपनी जान बचाने के लिए विरोध किया तो आर्यन ने उसकी बांह पकड़ ली। इसके बाद बाकी युवकों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। आरोप के मुताबिक, इसी दौरान अरविंद ने वहां रखी एक बोतल से कोई केमिकल निकाला और उसे ज्ञानी को दिया। पीड़िता का कहना है कि ज्ञानी ने उसे वह केमिकल पिलाने की कोशिश की। उसने इसे पीने से इनकार किया तो आरोप है कि आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और जबरन उसके मुंह में केमिकल डाल दिया। पीड़िता के मुताबिक, केमिकल अंदर जाने के बाद उसके पेट में तेज जलन होने लगी। वह पानी मांगते हुए नल की तरफ भागी, लेकिन वहां बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को अस्पताल में पाया।
पीड़िता के अनुसार, इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर वह घर लौट आई। इसके बाद भी उसे कथित तौर पर डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि ज्ञानी और उसके साथियों ने उसे और उसके परिवार को डराया। उसने यह भी आरोप लगाया कि पैसे देकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इस वजह से वह और उसका परिवार काफी डर गया था। बाद में पीड़िता ने पुलिस को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
फैक्ट्री मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में
नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में कंपनी के मालिक अनशुल पर भी आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के लिए फैक्ट्री मालिक की भूमिका भी जिम्मेदार है। पुलिस ने फिलहाल फैक्ट्री मालिक की भूमिका को लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि उसे घटना की जानकारी थी या नहीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में उसकी क्या भूमिका रही। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फैक्ट्री परिसर में घटना होने के कारण जांच में वहां मौजूद लोगों, कर्मचारियों और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जानकारी भी अहम हो सकती है।
पुलिस ने ज्ञानी, आर्यन, विशाल, साहिल और अरविंद के खिलाफ हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच और आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस बाकी दो आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस के लिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के साथ पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना भी अहम है। फिलहाल आरोपों की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
