August 2, 2026

Gurugram News: बंधवाड़ी कचरा प्लांट में फिर भड़की भीषण आग, आसमान में छाया जहरीले धुएं का गुबार

0
Gurugram News: बंधवाड़ी कचरा प्लांट में फिर भड़की भीषण आग, आसमान में छाया जहरीले धुएं का गुबार

गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बंधवाड़ी लैंडफिल साइट बनी आग का गोला

Gurugram News: गुरुग्राम और फरीदाबाद की सीमा पर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित बंधवाड़ी वेस्ट मैनेजमेंट साइट पर बुधवार को एक बार फिर बड़ी आफत आ गई। यहाँ डंप किए गए लाखों टन कचरे के पहाड़ में अचानक भयंकर आग सुलग उठी।

तेज हवाओं के चलते आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते कई किलोमीटर दूर से आसमान में काले धुएं का गुबार साफ देखा जाने लगा। हादसे की खबर मिलते ही अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम के सेक्टर-29, सोहना और अन्य नजदीकी फायर स्टेशनों से दमकल की आठ गाड़ियों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।

मीथेन गैस के कारण दिक्कत, पोकलेन मशीनों का लिया जा रहा सहारा

अरावली के इस डंपिंग यार्ड में लगी आग को काबू करना दमकल कर्मियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। दरअसल, सालों से जमा कचरे के नीचे अत्यधिक मात्रा में मीथेन गैस बनती है, जो हवा के संपर्क में आते ही आग को और भड़का देती है।

ऊपर से पानी डालने के बावजूद नीचे सुलग रही आग को दबाने के लिए अब पानी की बौछारों के साथ-साथ पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। इन मशीनों के जरिए कचरे को पलटकर उस पर मिट्टी डाली जा रही है ताकि ऑक्सीजन की सप्लाई कट हो सके और आग को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

रिहायशी इलाकों का दम घुटने लगा, पर्यावरण को भारी नुकसान

इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर और खासकर गुरुग्राम-फरीदाबाद के लोगों की सेहत को खतरे में डाल दिया है। डंपिंग यार्ड से उठ रहे घने और केमिकल युक्त धुएं के कारण आसपास की सोसायटियों और गांवों में रहने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि हवा में फैली इस जहरीली गैस की वजह से बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आँखों में तेज जलन की समस्या आ रही है।

पर्यावरणविदों का कहना है कि बार-बार लगने वाली यह आग न सिर्फ हवा को जहरीला बना रही है, बल्कि अरावली के संवेदनशील ईको-सिस्टम को भी तबाह कर रही है। प्रशासन लाख दावों के बावजूद इस लैंडफिल साइट की सुरक्षा और कचरा निस्तारण का कोई स्थाई हल ढूंढने में नाकाम रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed