Ambala news: अंबाला छावनी के बाजारों में सोमवार की सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर परिषद की टीम और स्थानीय दुकानदारों के बीच तीखी बहस हो गई। त्योहारी सीजन के मद्देनजर जैसे ही नगर परिषद का अमला राय मार्केट में कार्रवाई करने उतरा, दुकानदारों ने एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में परेशान व्यापारी सीधे कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर पहुंचे, जिसके बाद मंत्री के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान बाजारों में लगने वाले जाम और किसी भी संभावित दुर्घटना से निपटने के लिए सड़कों को साफ कराया जा रहा है। हालांकि दुकानदारों का कहना था कि प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है।
गोल चक्कर से शुरू हुआ अभियान, पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा
नगर परिषद की टीम सोमवार सुबह करीब 10 बजे गोल चक्कर इलाके से दुकानों के बाहर रखा सामान हटाने पहुंची। जैसे ही कर्मचारियों ने सामान उठाना शुरू किया, दुकानदार लामबंद हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। माहौल में तनाव बढ़ता देख मौके पर संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को पुलिस बल के साथ पहुंचना पड़ा।
पुलिस ने विरोध कर रहे दुकानदारों को समझाया-बुझाया और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने की दुहाई दी, तब जाकर नगर परिषद की टीम आगे की कार्रवाई कर सकी।
‘सिर्फ हमें क्यों बनाया जा रहा निशाना’—दुकानदारों ने अनिल विज से लगाई गुहार
कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदार एकजुट होकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। अंबाला मोबाइल एसोसिएशन के प्रतिनिधि जतिन दुआ ने बताया कि मोबाइल दुकानदारों का सामान सड़क पर नहीं, बल्कि प्रशासन द्वारा तय की गई पीली पट्टी के भीतर ही रखा था। इसके बावजूद नगर परिषद की टीम जबरन सामान और पीछे हटाने का दबाव बना रही थी।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि राम बाजार और बजाजा बाजार में भी दुकानों के बाहर आड़ा-तिरछा सामान सजा रहता है, लेकिन नप की टीम वहां जाने के बजाय सिर्फ राय मार्केट को निशाना बना रही है। दुकानदारों ने मंत्री को बताया कि दिवाली के बाद वैसे भी बाजार में 1-2 महीने मंदी रहती है; ऐसे में दुकान का किराया और स्टाफ का खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है।
दुकानदारों की समस्या सुनने के बाद मंत्री अनिल विज ने तुरंत नगर परिषद अधिकारियों को फोन मिलाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन दुकानदारों का सामान पीली पट्टी के अंदर है, उन्हें परेशान न किया जाए। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद दुकानदारों ने भी लिखित व मौखिक भरोसा दिया कि वे किसी भी सूरत में पीली पट्टी के बाहर सड़क पर कब्जा नहीं करेंगे।
दमकल और एम्बुलेंस के रास्ते न हों बंद: नगर परिषद
दूसरी ओर, नगर परिषद के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (CSI) सुनील दत्त ने बताया कि यह अभियान कमिश्नर के सख्त निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। त्योहारों के दिनों में बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में यदि दुकानों के बाहर अतिक्रमण रहेगा तो आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस का बाजारों के अंदर दाखिल होना असंभव हो जाएगा।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि वे किसी व्यापारी के रोजगार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सभी बाजारों में रास्ते खुले रखना बेहद जरूरी है। फिलहाल मंत्री अनिल विज के निर्देशों के बाद बाजारों में पीली पट्टी की सीमा का सख्ती से पालन कराने पर सहमति बन गई है।

