Ambala Python Death: हरियाणा-हिमाचल सीमा से सटे अंबाला के उज्जल माजरी गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब सड़क किनारे एक भारी-भरकम अजगर मृत अवस्था में मिला। मृत अजगर की लंबाई करीब 10 फीट 3 इंच और वजन लगभग 23 किलोग्राम है, जो कि एक मादा अजगर है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बेजुबान जीव के गले में रस्सी बंधी हुई थी और सिर पर चोट के साफ निशान दिखाई दे रहे थे। इन संदिग्ध परिस्थितियों को देखकर वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने अजगर की हत्या या इसे किसी साजिश के तहत मारे जाने की आशंका जताई है।
ऐसे सामने आया पूरा मामला
वंदे मातरम दल के सदस्य भरत ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव के एक व्यक्ति ने सड़क के पास अजगर को मरा हुआ देखा। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो उसके गले में फंदे की तरह रस्सी कसी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वंदे मातरम दल, हिमाचल प्रदेश के डिप्टी रेंजर साबिर खान और वन्यजीव विभाग के वन रक्षक अक्षय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद अजगर को सुरक्षित अंबाला लाया गया, जहां स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पांच डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा इसका पोस्टमार्टम करवाया गया।
मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक टीमों ने आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ की, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह अजगर वहां तक कैसे पहुंचा और इसके गले में रस्सी किसने बांधी। अधिकारियों का कहना है कि सिर पर चोट के निशान और गले में बंधी रस्सी से मामला संदिग्ध जरूर लग रहा है, लेकिन मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी। रिपोर्ट मिलने में अभी दो दिन का समय लग सकता है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाना कानूनन गंभीर अपराध
इस घटना के बाद वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। वंदे मातरम दल के प्रतिनिधियों ने आम जनता से अपील की है कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं और उनकी रक्षा करना हम सबका नैतिक दायित्व है। किसी भी जंगली जानवर को नुकसान पहुंचाना या मारना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर कानूनी अपराध है। यदि रिहायशी इलाके में कोई जंगली जीव दिखाई दे, तो आम नागरिक उसे खुद परेशान करने के बजाय तुरंत वन्यजीव विभाग या संबंधित हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
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