World Record: आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिले से एक ऐसा गजब का हुनर सामने आया है, जिसे देखकर बड़े-बड़े गणितज्ञ और वैज्ञानिक भी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हैं। महज 12 साल की उम्र में जहां बच्चे आम पहाड़े और गणित के बेसिक सवाल हल करने में उलझे रहते हैं, वहीं यहां के रहने वाले सचिन कैलकुलेटर और कंप्यूटर को भी मात दे रहे हैं।
कठिन गणितीय सांख्यिकी और रूबिक क्यूब को चुटकियों में हल करने वाले सचिन ने हाल ही में 1 से लेकर 2 अरब वर्षों की किसी भी तारीख का सही दिन (वार) सेकंडों में बताकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
पिता के मार्गदर्शन से गणित के खेल में बढ़ी दिलचस्पी
सचिन की इस असाधारण प्रतिभा के पीछे उनके घर का माहौल और बचपन की मेहनत का बड़ा योगदान है। कोनासीमा जिले के राजोलू मंडल स्थित पोदलदा गांव के रहने वाले सचिन के पिता डॉ. बी.आर. अंबेडकर सत्यवरप्रसाद खुद गणित, सांख्यिकी और कैलेंडर गणनाओं के अच्छे जानकार हैं।
पिता की देखरेख में सचिन ने बेहद छोटी उम्र में ही सुडोकू पहेलियां सुलझानी शुरू कर दी थीं। वे अक्सर अपने पिता के साथ नंबर थ्योरी और गणितीय सूत्रों पर चर्चा करते रहते थे। धीरे-धीरे संख्याओं के प्रति उनकी रुचि इतनी बढ़ गई कि उन्होंने बिना कागज-कलम के, मन ही मन अरबों वर्षों का कैलेंडर कैलकुलेट करने की अनूठी कला में महारत हासिल कर ली।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर जजों को किया दंग, मिला सम्मान
सचिन के इस दुर्लभ हुनर को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आधिकारिक मान्यता मिल गई है। हाल ही में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान जब निर्णायक मंडल (जजों) ने सचिन के सामने 1 से 2 अरब साल पुरानी या आने वाले अरबों वर्षों की तारीखें रखीं, तो सचिन ने बिना किसी झिझक के पलक झपकते ही सही दिन बता दिया।
उनकी इस अकल्पनीय तेजी को देखते हुए ‘इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (Influencer Book of Records) ने उन्हें आधिकारिक प्रमाण पत्र और रिकॉर्ड सर्टिफिकेट से नवाजा है।
देश का नाम रोशन करने का सपना
छोटी सी उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाले सचिन अब पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। वे न सिर्फ कैलेंडर कैलकुलेशन में माहिर हैं, बल्कि जटिल सांख्यिकी के फॉर्मूले सुलझाने और कुछ ही सेकंड में रूबिक क्यूब असेंबल करने में भी पारंगत हैं। सचिन के परिजन और उनके शिक्षक बेहद खुश हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह वंडर किड आने वाले समय में गणित की दुनिया में भारत का नाम और बुलंदियों पर ले जाएगा।

