Ateli Mandi News: अटेली मंडी के झंडा चौक पर श्री शिव रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के छठे दिन का मंचन बेहद रोमांचक और भक्तिमय रहा। इस अवसर पर कलाकारों ने सीता स्वयंवर और अत्यंत लोकप्रिय लक्ष्मण-परशुराम संवाद के प्रसंगों का जीवंत मंचन किया। रामलीला मैदान में कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और जय श्रीराम के गूंजते जयकारों ने उपस्थित दर्शकों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला प्रमुख डॉ. राकेश कुमार, अरुण मास्टर राजपुरा, प्रवीण चौधरी, कुलदीप बजाड़ और रवि जांगिड़ नारनौल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मंचन की शुरुआत राजा जनक द्वारा आयोजित सीता स्वयंवर के सुंदर दृश्य से हुई, जिसमें देश-विदेश से आए राजा-महाराजाओं के शिव धनुष उठाने में असफल रहने का सजीव चित्रण किया गया।

इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने आगे बढ़कर शिव धनुष उठाया और जैसे ही उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई, वह महान धनुष तीव्र आवाज के साथ टूट गया। धनुष टूटने के साथ ही पूरा रामलीला परिसर जयश्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसके पश्चात माता सीता ने आगे बढ़कर भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डाली और उनका वरण किया।
शिव धनुष टूटने की टंकार और उसकी गूंज जैसे ही परशुराम तक पहुँची, वे अत्यंत क्रोधित होकर तुरंत स्वयंवर स्थल पर जा पहुंचे। स्थल पर पहुंचते ही उनका और लक्ष्मण के बीच तीखा व रोचक संवाद शुरू हुआ। लक्ष्मण ने अपने तीखे और सटीक तर्कों से परशुराम के क्रोध का डटकर सामना किया, जबकि दूसरी ओर भगवान श्रीराम ने अपनी अद्वितीय विनम्रता और धैर्य का परिचय देते हुए पूरे प्रसंग को संभाला।
रामलीला के इस मुख्य आकर्षण में भगवान परशुराम की भूमिका अशोक गुप्ता ने तथा लक्ष्मण की भूमिका त्रिभुवन ने बेहद शानदार ढंग से निभाई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में मंच का संचालन मास्टर विजयपाल रोहिल्ला ने किया,पवन शास्त्री, जितेंद्र सीए, राकेश सैनी सहित समिति के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय दर्शक मौजूद रहे।
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