Mahendragarh News: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के समाजशास्त्र विभाग द्वारा ‘विकसित भारत एट 2047 के निर्माण में रोजगार के अवसर और सामाजिक समावेशन की भूमिका‘ विषय पर संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन विभाग की प्रोफेसर एवं व्यवसाय एवं प्रबंधन अध्ययन विद्यापीठ की अधिष्ठाता प्रो. सुनीता तंवर उपस्थित रहीं।
प्रो. सुनीता तंवर ने कहा कि विकसित भारत एट 2047 की वास्तविक सफलता गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर निर्भर करेगी। उन्होंने बताया कि भारत की युवा आबादी देश की बड़ी ताकत है। उन्होंने गिग अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं स्वचालन, विनिर्माण, हरित रोजगार और कौशल असंगति को रोजगार क्षेत्र में हो रहे प्रमुख बदलावों के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की जरूरत है।
सामाजिक समावेशन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जाति, वर्ग, लिंग और क्षेत्रीय असमानताएं रोजगार के अवसरों को प्रभावित करती हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहल महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक एक उत्पादक एवं समावेशी श्रम बाजार का निर्माण करना होगा, जिसमें लैंगिक, जातिगत, दिव्यांगता संबंधी और क्षेत्रीय असमानताएं न्यूनतम हों। कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक चर्चा हुई, जिसमें समाजशास्त्र विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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