Ankush Bishnoi Attack in Canada : कनाडा के वैंकूवर में रहने वाले भारतीय मूल के हरियाणवी युवक अंकुश बिश्नोई पर कथित तौर पर लॉरेंस गैंग से जुड़ा होने का आरोप लगाकर हमला किया गया। अंकुश उबर में ड्राइवर की नौकरी करते हैं। उनका कहना है कि गाड़ी की नंबर प्लेट पर ‘BIS9E’ लिखा होने के कारण कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और उनके चेहरे पर वार किया।
अंकुश के मुताबिक, उन्होंने 2023 में अपनी गाड़ी के लिए यह पर्सनलाइज्ड नंबर प्लेट लगवाई थी। उस समय उन्होंने इस नंबर को चुना था, लेकिन अब बिश्नोई सरनेम को लॉरेंस गैंग से जोड़कर देखे जाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना के बाद अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने भारत में कनाडाई उच्चायोग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
गाड़ी रुकवाकर लॉरेंस गैंग से जुड़ने का आरोप
अंकुश के अनुसार, वह वैंकूवर में गाड़ी चला रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोककर गाड़ी किनारे लगाने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने उन पर लॉरेंस गैंग का सदस्य होने का आरोप लगाया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
अंकुश ने कथित तौर पर हमलावरों को समझाया कि उनका किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की गई। अंकुश का कहना है कि हमलावरों ने उनके चेहरे पर मुक्का मारा और उन्हें लहूलुहान कर दिया। घटना के दौरान एक अन्य व्यक्ति वीडियो भी बना रहा था।
2023 में लगवाई थी ‘BIS9E’ नंबर प्लेट
अंकुश ने बताया कि उन्होंने 2023 में अपनी गाड़ी पर ‘BIS9E’ नंबर प्लेट लगवाई थी। उनके मुताबिक, उस समय यह नंबर चुनने के पीछे लॉरेंस गैंग से जुड़ने का कोई मामला नहीं था। अब वह अपनी पहचान और सरनेम के कारण निशाना बनाए जाने की बात कह रहे हैं।
अंकुश के अनुसार, हमलावरों ने उनकी गाड़ी की नंबर प्लेट भी मोड़ दी। घटना के बाद ब्रिटिश कोलंबिया बीमा निगम (ICBC) के एक अधिकारी ने उनसे संपर्क किया। अंकुश का कहना है कि उन्हें किसी गैंग से जुड़ा नहीं मानने के बावजूद मौजूदा माहौल को देखते हुए नंबर प्लेट का स्लोगन बदलने का विकल्प दिया गया।
बिश्नोई महासभा ने कनाडाई उच्चायोग को लिखा पत्र
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रधान देवेंद्र बूढ़िया ने भारत में कनाडाई उच्चायोग को पत्र लिखकर अंकुश पर हुए हमले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। महासभा चाहती है कि जांच में यह भी देखा जाए कि हमला समुदाय की पहचान के कारण तो नहीं किया गया।
पत्र में कनाडाई अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि किसी आपराधिक गिरोह से कथित संबंध और कानून का पालन करने वाले बिश्नोई समुदाय की पहचान अलग-अलग हैं। महासभा ने मीडिया और जांच एजेंसियों से भी अपील की है कि आपराधिक गिरोहों की पहचान किसी पूरे समुदाय या सरनेम से जोड़ने के बजाय उनके कथित नेताओं के नाम से की जाए।
कनाडा में समुदाय के लिए संपर्क अधिकारी की मांग
महासभा ने कनाडा में रहने वाले बिश्नोई समुदाय के लिए एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी रखी है। इसका उद्देश्य समुदाय के सदस्यों को धमकी, हमले या भेदभाव जैसी घटनाओं की शिकायत दर्ज कराने में मदद देना है।
देवेंद्र बूढ़िया ने कहा, “अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा हर प्रकार के अपराध, जबरन वसूली और हिंसा के सख्त विरुद्ध है। हमारी मांग केवल इतनी है कि निर्दोष लोगों को दूसरों के अपराधों की सजा उनके सरनेम के कारण न भुगतनी पड़े।”
अंकुश का मामला विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और व्यक्तिगत पहचान के आधार पर होने वाले कथित भेदभाव का सवाल भी उठाता है। हालांकि, घटना की स्वतंत्र पुष्टि, पुलिस जांच की स्थिति और हमलावरों की पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध स्रोत सामग्री में नहीं दी गई है।

