Chandigarh building collapse: मृतक के परिजनों ने भवन मालिक पर लगाए सबूत मिटाने के आरोप, घटनास्थल सील करने की मांग
चंडीगढ़, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में निर्माणाधीन इमारत हदसा
Chandigarh building collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में निर्माणाधीन दो मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की मौत के मामले में नया विवाद सामने आया है। हादसे में जान गंवाने वाले तरुण जैन के परिजनों ने भवन मालिक पर प्रशासन और पुलिस की अनुमति के बिना घटनास्थल से मलबा हटाने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि यदि जांच पूरी होने से पहले मलबा हटाया गया तो हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका है। मामले की जांच पहले से प्रशासनिक स्तर पर जारी है।
मृतक तरुण जैन के चचेरे भाई अंशुल जैन ने बताया कि परिवार अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक रस्मों में व्यस्त था। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि भवन मालिक घटनास्थल से मलबा हटाने की तैयारी कर रहा है। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई के लिए न तो जिला प्रशासन से अनुमति ली गई है और न ही पुलिस की मंजूरी प्राप्त की गई है। परिवार ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिजनों का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद मलबा, क्षतिग्रस्त दीवारें और अन्य निर्माण सामग्री हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनका कहना है कि यदि इन साक्ष्यों को समय से पहले हटाया गया तो जांच एजेंसियों के लिए दुर्घटना की सही वजह तक पहुंचना कठिन हो सकता है। परिवार का मानना है कि किसी भी तरह की जल्दबाजी जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
घटनास्थल सील करने और पुलिस सुरक्षा की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि जांच पूरी होने तक घटनास्थल को तत्काल सील किया जाए। उन्होंने वहां पुलिस सुरक्षा तैनात करने और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाने की भी मांग की है। परिवार का कहना है कि इससे साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकी जा सकेगी और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ सकेगी। परिजनों ने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से तत्काल कोई कार्रवाई आवश्यक हो तो केवल रास्ते में रखी तीन कुर्सियां हटाई जा सकती हैं। इसके अलावा मलबा हटाने या इमारत को तोड़ने जैसी कोई भी कार्रवाई प्रशासन और पुलिस की अनुमति के बिना नहीं होनी चाहिए।
शनिवार शाम हुआ था दर्दनाक हादसा
शनिवार शाम चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में निर्माणाधीन दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय सात लोग मलबे में दब गए थे। राहत एवं बचाव दल ने पांच मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जबकि तरुण जैन और तरुण कौशिक करीब साढ़े पांच घंटे तक मलबे में फंसे रहे। दोनों को बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मामले में पंजाब एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग पहले ही स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन से रिपोर्ट मांग चुका है। वहीं जिला प्रशासन ने भी हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। अब मृतक के परिजनों द्वारा साक्ष्यों से संभावित छेड़छाड़ के लगाए गए आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
