Yamunanagar News: 15 साल से चौपाल में चल रही आंगनबाड़ी पर तालेबंदी, BDPO की शिकायत पर FIR के बाद थाने में धरना
15 साल से चौपाल में चल रही आंगनबाड़ी पर तालेबंदी, BDPO की शिकायत पर FIR के बाद थाने में धरना
Yamunanagar News: यमुनानगर जिले के भमनौली गांव में एससी चौपाल को खाली कराने का विवाद अब सीधे पुलिस थाने तक पहुंच गया है। चौपाल के कमरे में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला जड़ने के मामले में जब बीडीपीओ की शिकायत पर महिला पंच गीता देवी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, तो पूरा गांव लामबंद हो गया। बुधवार को गुस्साए ग्रामीणों ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बिलासपुर थाने के भीतर ही दरियां बिछाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए निर्वाचित महिला प्रतिनिधि पर झूठा पर्चा दर्ज कर रहा है।
बीडीपीओ की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) बिलासपुर, शबनम की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक भमनौली की एससी चौपाल में पिछले 15 सालों से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है। इसके लिए बाकायदा ग्राम पंचायत की ओर से कमरा आवंटित किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते 10 सितंबर को पंचायत सदस्य गीता देवी ने ग्रामीणों को उकसाकर आंगनबाड़ी केंद्र के कमरे पर अपना ताला लगा दिया। ताला लगने की वजह से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बांटे जाने वाला पोषाहार, राशन और विभाग का अन्य सामान भीतर ही कैद होकर रह गया, जिससे सरकारी कार्य पूरी तरह बाधित हो गया।
‘अकेली पंच ने नहीं, पूरे गांव ने मिलकर लगाया था ताला’
दूसरी ओर, थाने में जमा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने दोटूक कहा कि चौपाल के कमरे पर अकेली महिला पंच ने ताला नहीं जड़ा था, बल्कि यह फैसला पूरे समाज का था। ग्रामीणों का कहना है कि एससी चौपाल का निर्माण समाज के शादी-ब्याह, सुख-दुख और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए किया गया है। लेकिन पिछले डेढ़ दशक से इस पर आंगनबाड़ी का कब्जा होने के कारण लोगों को अपने निजी कार्यक्रमों के लिए जगह नहीं मिल पाती। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
शादी का मंडप गली में सजाने को मजबूर हुए ग्रामीण
धरने का नेतृत्व कर रही महिला पंच गीता देवी ने प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि एससी चौपाल में आंगनबाड़ी चलने के कारण गांव के गरीब परिवारों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में गांव में एक बेटी की शादी थी, लेकिन चौपाल खाली न मिलने की वजह से मजबूरन पूरे शादी का कार्यक्रम और तंबू तंग गली में लगाना पड़ा। पंच का आरोप है कि सरपंच और बीडीपीओ को कई बार लिखित में वैकल्पिक स्थान पर आंगनबाड़ी शिफ्ट करने को कहा गया, पर समस्या हल करने की जगह उल्टा उनके खिलाफ ही बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज करवा दिया गया। फिलहाल पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने की कोशिशें जारी हैं।
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