Chandigarh District Court: चंडीगढ़ जिला अदालत में बुधवार को वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखकर एडवोकेट सतपाल बंसल के खिलाफ दर्ज FIR पर विरोध जताया। यह मामला जिला अदालत की कैंटीन चलाने वाले राम मिलन यादव की मौत से जुड़ा है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एएस गुजराल के नेतृत्व में वकीलों ने कामकाज से परहेज किया और सतपाल बंसल के प्रति एकजुटता व्यक्त की। बार एसोसिएशन ने राम मिलन यादव की मौत को दुखद बताते हुए उनके निधन पर संवेदना जताई। हालांकि, एसोसिएशन ने साथ ही कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते समय निष्पक्ष जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। एसोसिएशन ने FIR दर्ज करने से पहले की गई जांच पर सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। उसका कहना है कि यह देखना जरूरी है कि संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई से पहले पर्याप्त जांच की गई थी या नहीं और कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।
वरिष्ठ वकीलों से चर्चा के बाद वर्क सस्पेंड का फैसला
जिला बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने वरिष्ठ वकीलों के साथ विचार-विमर्श के बाद बुधवार को वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया। इस फैसले का उद्देश्य एडवोकेट सतपाल बंसल के प्रति एकजुटता जताने के साथ वकीलों के अधिकारों, सम्मान और पेशेवर प्रतिष्ठा से जुड़े मुद्दों को उठाना था। कार्यकारिणी में अध्यक्ष एएस गुजराल, उपाध्यक्ष अभय जोशी, महिला उपाध्यक्ष प्रतिभा भंडारी, सचिव तेजविंदर सिंह गिल, कोषाध्यक्ष प्रतीक गर्ग और संयुक्त सचिव पुष्पिंदर सिंह चौहान शामिल हैं। कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने भी इस निर्णय का समर्थन किया। एसोसिएशन का कहना है कि कानूनी पेशे से जुड़े व्यक्ति सहित हर नागरिक को निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का अधिकार है। इसी आधार पर उसने मामले की समीक्षा की मांग उठाई है। FIR में लगाए गए आरोपों और संबंधित अधिवक्ता की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
बार एसोसिएशन की इस पहल को पूर्व अध्यक्ष अशोक चौहान और एनके नंदा सहित अन्य वरिष्ठ वकीलों का समर्थन मिला। एसोसिएशन ने कहा कि वह मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रही है और संबंधित अधिवक्ता के हितों की रक्षा के लिए कानूनी तथा संस्थागत माध्यमों से आवश्यक कदम उठाएगी। राम मिलन यादव की मौत के मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई को लेकर अब आगे की प्रक्रिया अहम रहेगी। बार एसोसिएशन ने निष्पक्ष समीक्षा की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि उसका विरोध जांच प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई से जुड़े सवालों पर केंद्रित है।
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