August 2, 2026

नशे के खिलाफ कैंपस से छेड़ें निर्णायक जंग, हर युवा बने बदलाव का वाहक : कटारिया

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नशे के खिलाफ कैंपस से छेड़ें निर्णायक जंग, हर युवा बने बदलाव का वाहक : कटारिया

पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया

Chandigarh: पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को पंजाब लोक भवन में पंजाब और चंडीगढ़ की यूनिवर्सिटीज़ के वाइस-चांसलर्स के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर ‘माई भारत युवा कनेक्ट–नशामुक्त अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून और प्रशासन के भरोसे नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए शिक्षण संस्थानों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे जरूरी है। उन्होंने सभी यूनिवर्सिटीज़ से इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। बैठक को संबोधित करते हुए कटारिया ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें सही दिशा देना शैक्षणिक संस्थानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि हर छात्र नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेशवाहक बने तो समाज से इस बुराई को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ‘माई भारत युवा कनेक्ट–नशामुक्त अभियान’ युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने और नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने का प्रभावी मंच है।

प्रशासक ने सभी यूनिवर्सिटीज़ को निर्देश दिए कि माई भारत पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और युवा स्वयंसेवकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक पात्र छात्र को नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाई जाए और ई-सर्टिफिकेट डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने कहा कि दो अगस्त को सुबह 10 बजे आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में अधिकतम छात्र भाग लें, जिसमें प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से युवाओं को संबोधित करेंगे। उन्होंने प्रत्येक यूनिवर्सिटी में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, जो विभागों, घटक एवं संबद्ध कॉलेजों तथा माई भारत के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करेगा। उन्होंने स्वयंसेवकों के पंजीकरण और ई-शपथ के लिए लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।

कटारिया ने कहा कि अभियान केवल यूनिवर्सिटी परिसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी संबद्ध और घटक कॉलेजों तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। उन्होंने यूनिवर्सिटीज़ से वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, छात्र समूहों, डिजिटल स्क्रीन, नोटिस बोर्ड और अन्य संचार माध्यमों के जरिए अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि नशामुक्त भारत का संदेश हर युवा तक पहुंचे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्षभर नशामुक्ति विषय पर सेमिनार, जागरूकता व्याख्यान, रैलियां, प्रतियोगिताएं, शपथ अभियान और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सभी गतिविधियों की फोटो, वीडियो और रिपोर्ट नियमित रूप से माई भारत पोर्टल पर अपलोड की जाए, ताकि अभियान की प्रभावी निगरानी और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो सके।

बैठक में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत यादव, स्कूल शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, पंजाब यूनिवर्सिटी की एक्टिंग वाइस-चांसलर प्रो. मीनाक्षी गोयल, माई भारत युवा कनेक्ट पंजाब की निदेशक रश्मीत कौर, माई भारत चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार तथा आईएएस अधिकारी ललित जैन उपस्थित रहे। पंजाब और चंडीगढ़ की विभिन्न यूनिवर्सिटीज़ के कुलपतियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के अंत में कटारिया ने कहा कि नशामुक्त पंजाब और नशामुक्त भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब प्रत्येक शिक्षण संस्थान इस अभियान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यूनिवर्सिटीज़, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान लाखों युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ, जागरूक तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगा।

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