Chandigarh Minor Murder case: रामलीला में बैठने की जगह को लेकर शुरू हुई कहासुनी का अंजाम एक किशोर की हत्या के रूप में सामने आया। सेक्टर-41 की राधे मार्केट में वीरवार रात मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचे युवकों ने 17 वर्षीय मोक्ष उर्फ ललित और उसके दोस्त सूरज पर चाकू व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पीठ पर चाकू लगने से मोक्ष की जान चली गई, जबकि सूरज घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 10 घंटे के भीतर 16 वर्षीय मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, हमले में कुल आठ युवक शामिल थे। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-41 निवासी मोक्ष 12वीं कक्षा का छात्र था। वीरवार रात करीब 10:15 बजे वह अपने दोस्त सूरज के साथ राधे मार्केट में बैठा था। इसी दौरान मोटरसाइकिलों पर सवार होकर युवकों का एक समूह वहां पहुंचा। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, उन पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। मोक्ष की पीठ के बाईं ओर चाकू लगा, जबकि सूरज के पैर पर वार किया गया। हमला करने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
वारदात के बाद मार्केट में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और मार्केट के प्रधान ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी। पुलिस दोनों घायलों को सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मोक्ष को मृत घोषित कर दिया। सूरज का उपचार किया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या की वजह रामलीला के दौरान हुआ विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले पास में आयोजित रामलीला में बैठने की जगह को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर रंजिश बढ़ी और मामला हिंसक हमले तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक समूह में मौके पर पहुंचे थे और हमले में आठ युवकों की संलिप्तता सामने आई है।
डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है। सेक्टर-52 निवासी 16 वर्षीय मुख्य आरोपी को वारदात के करीब 10 घंटे के भीतर हिरासत में लिया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 सहित दंगा करने और गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और हमले में प्रत्येक की भूमिका की जांच की जा रही है। मोक्ष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता सिलाई का काम करते हैं। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, घायल सूरज के पिता साइकिल मरम्मत का काम करते हैं। मामूली कहासुनी से शुरू हुई रंजिश में एक किशोर की जान जाने की घटना ने इलाके में चिंता और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
परिवार का आरोप-शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मोक्ष के परिवार ने दावा किया कि रामलीला में हुए विवाद के बाद सेक्टर-39 थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार का कहना है कि यदि शिकायत पर समय रहते गंभीरता दिखाई जाती तो शायद मोक्ष की जान बच सकती थी। हालांकि, शिकायत दिए जाने और उस पर हुई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी इस आरोप पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

