Chandigarh Crime News: चंडीगढ़ के सेक्टर-41 की राधे मार्केट में वीरवार रात करीब 10:30 बजे बाइक सवार युवकों ने दो नाबालिगों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सेक्टर-41 निवासी 17 वर्षीय मोक्ष की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त सूरज गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को खून से लथपथ हालत में सेक्टर-16 स्थित अस्पताल पहुंचाया गया था। डॉक्टरों ने मोक्ष को मृत घोषित कर दिया। सूरज का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सेक्टर-41 राधे मार्केट के प्रधान नवनीत चावला के मुताबिक, वह वीरवार रात अपनी दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान दोनों युवक मार्केट में कुछ खाने के लिए बैठे थे। तभी उन्हें बाइक सवार कई युवक मार्केट के आसपास चक्कर लगाते दिखाई दिए। उनकी संख्या एक दर्जन से ज्यादा थी। कुछ देर बाद हमलावरों ने बाइक रोकी और नीचे उतरकर दोनों युवकों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। दुकानदारों के सामने अचानक हुई इस वारदात से बाजार में दहशत फैल गई। हमलावरों के हाथों में हथियार देखकर दुकानदार भी घबरा गए। हमले के दौरान दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी अपनी-अपनी बाइक पर मौके से फरार हो गए।
दुकानदार अपनी गाड़ी से घायलों को अस्पताल ले गए
मार्केट प्रधान नवनीत चावला ने बताया कि हमला होते ही उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। दोनों युवकों के शरीर से काफी खून बह रहा था और उनकी हालत गंभीर थी। ऐसे में पुलिस के पहुंचने का इंतजार करने के बजाय दुकानदारों ने अपनी गाड़ी से दोनों को सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मोक्ष को मृत घोषित कर दिया। उसका दोस्त सूरज भर्ती है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मोक्ष सेक्टर-41 का रहने वाला था, जबकि सूरज बढ़हेड़ी का निवासी है। वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमले की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच से ही हमले के पीछे की वजह और घटना में शामिल लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पास में पुलिस बीट बॉक्स, फिर भी वारदात के बाद उठे सवाल
राधे मार्केट में हुई हत्या के बाद स्थानीय दुकानदारों ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गश्त पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस का बीट बॉक्स मौजूद है। इसके बावजूद एक दर्जन से ज्यादा युवक बाइक पर आए, दोनों नाबालिगों पर सरेआम तेजधार हथियारों से हमला किया और फिर आसानी से फरार हो गए। दुकानदारों का सवाल है कि इतनी बड़ी संख्या में हमलावर बाजार तक कैसे पहुंचे और वारदात के दौरान पुलिस की मौजूदगी क्यों नजर नहीं आई। वे यह भी जानना चाहते हैं कि घटना के समय बीट बॉक्स पर पुलिसकर्मी तैनात थे या नहीं और पुलिस को हमले की सूचना कब मिली।
स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस नशे के खिलाफ अभियान के तहत गश्त और कार्रवाई की वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है, लेकिन इस गंभीर वारदात के समय मौके पर पुलिस दिखाई नहीं दी। हालांकि, घटना के समय पुलिस की तैनाती और प्रतिक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। एक नाबालिग की मौत और दूसरे के घायल होने की इस घटना ने बाजार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब जांच में हमलावरों की पहचान, हमले की वजह और वारदात के दौरान पुलिस की भूमिका से जुड़े सवालों के जवाब सामने आने का इंतजार है।
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