Chandigarh News: चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाने का नया रास्ता खुला है। चंडीगढ़ प्रशासन ने मुलाजिम भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए जेल विभाग में वार्डर के पदों पर भर्ती के दौरान एक्स-अग्निवीरों को आरक्षण और आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया है। इस फैसले का फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में चार साल की सेवा पूरी की है और अब सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। इस फैसले की खास बात यह है कि भर्ती का लाभ केवल चंडीगढ़ के युवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। पंजाब और हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को भी मौका दिया जाएगा। हालांकि, आरक्षित पदों को भरने में चंडीगढ़ यूटी के मूल निवासी एक्स-अग्निवीरों को पहली प्राथमिकता मिलेगी।
संशोधित भर्ती नियमों के अनुसार, जेल वार्डर के आरक्षित पदों पर सबसे पहले चंडीगढ़ यूटी के मूल निवासी एक्स-अग्निवीरों को नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। यदि पात्र उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण कुछ पद खाली रह जाते हैं तो उन पदों को पंजाब और हरियाणा के मूल निवासी एक्स-अग्निवीरों से भरा जा सकेगा। इस व्यवस्था से तीनों क्षेत्रों के पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। खासकर पंजाब और हरियाणा के उन युवाओं को राहत मिलेगी, जो सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद पुलिस, जेल विभाग और अन्य सरकारी नौकरियों में अवसर तलाश रहे हैं।
जेल वार्डर भर्ती में उम्र की सीमा में 3 से 5 साल की छूट
चंडीगढ़ प्रशासन के संशोधित नियमों में एक्स-अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में भी राहत दी गई है। सामान्य एक्स-अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम उम्र में 3 साल की छूट मिलेगी। वहीं, अग्निपथ योजना के पहले बैच में शामिल उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की छूट देने का प्रावधान किया गया है। यह छूट अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत मिलने वाली आयु सीमा में छूट के अतिरिक्त होगी। यानी पात्र आरक्षित वर्ग के पूर्व अग्निवीरों को दोनों प्रावधानों के अनुसार लाभ मिल सकेगा। गृह विभाग ने इस संबंध में 27 अक्टूबर को फैसला लिया था। इसके बाद भर्ती नियमों में संशोधन से जुड़े आदेश जारी किए गए हैं। इस बदलाव से सेना में सेवा पूरी कर चुके युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए की जाती है। योजना के तहत चयनित युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण के साथ सेना में काम करने का अवसर मिलता है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर होकर अन्य रोजगार के अवसर तलाशते हैं। ऐसे युवाओं को अलग-अलग सरकारी विभागों और सुरक्षा बलों की भर्तियों में आरक्षण तथा आयु सीमा में छूट देने के प्रावधान किए जा रहे हैं।
अग्निवीर भर्ती के लिए उम्र, पढ़ाई और चयन प्रक्रिया क्या है?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु सामान्यतः 17 साल 6 महीने रखी जाती है। अधिकतम आयु सीमा सेना के अनुसार अलग-अलग रही है। थल सेना में सामान्यतः 22 साल और नौसेना तथा वायुसेना में 21 साल की अधिकतम आयु सीमा लागू रही है। हालांकि, अंतिम पात्रता संबंधित भर्ती अधिसूचना के आधार पर तय होती है।
शैक्षणिक योग्यता: अग्निवीर भर्ती में शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार निर्धारित की जाती है। जनरल ड्यूटी और नौसेना के मैट्रिक रिक्रूट जैसे पदों के लिए सामान्यतः 10वीं पास होना जरूरी होता है। वहीं, टेक्निकल, क्लर्क, SSR और वायुसेना के कई पदों के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है। कुछ पदों पर अन्य विषयों और अंकों से जुड़ी शर्तें भी लागू होती हैं।
फिजिकल टेस्ट: चयन प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता की जांच भी की जाती है। इसमें दौड़, पुश-अप्स, सिट-अप्स, पुल-अप्स और शारीरिक माप से जुड़े परीक्षण शामिल हो सकते हैं। इनकी शर्तें संबंधित सेना और पद के अनुसार अलग-अलग होती हैं।
भर्ती कितनी बार निकलती है: अग्निवीर भर्ती के लिए साल में कितनी अधिसूचनाएं जारी होंगी, इसकी कोई निश्चित संख्या नहीं है। तीनों सेनाएं अपनी जरूरत और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती हैं।
कितनी बार आवेदन कर सकते हैं: उम्मीदवारों के लिए प्रयासों की कोई अलग निश्चित सीमा निर्धारित नहीं है। उम्र और शैक्षणिक योग्यता की शर्तें पूरी करने तक वे अलग-अलग भर्ती चक्रों में आवेदन कर सकते हैं।
क्या लड़कियां भी बन सकती हैं अग्निवीर: हां, महिलाओं के लिए भी अग्निवीर योजना के तहत अवसर उपलब्ध हैं। सेना में महिला सैन्य पुलिस, नौसेना में SSR और MR तथा वायुसेना में अग्निवीरवायु के पदों पर महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। इन पदों के लिए संबंधित भर्ती अधिसूचना में निर्धारित योग्यता और चयन मानकों को पूरा करना जरूरी है।
चंडीगढ़ प्रशासन के इस फैसले से अब चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को जेल विभाग में सरकारी नौकरी पाने का भी अवसर मिलेगा। पंजाब और हरियाणा के पूर्व अग्निवीरों को शामिल करने से इस भर्ती का दायरा भी बढ़ गया है।
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