Chandigarh News: किसी व्यक्ति की पहचान उसके जेंडर से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा, काबिलियत और काम से होनी चाहिए। इसी विचार को समाज तक पहुंचाने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस) में विद्यार्थियों ने कला के माध्यम से लैंगिक समानता और सम्मान का संदेश दिया। यहां आयोजित दो दिवसीय पोस्टर मेकिंग और रंगोली प्रतियोगिता में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। प्रतियोगिता में पोस्टर मेकिंग के लिए हरनीत कौर और रंगोली में शिवानी ने पहला स्थान हासिल किया। यूआईएलएस के सेंटर फॉर ट्रांस स्टडीज (रेनबो) ने चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से मंगलवार और बुधवार को इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के अलग-अलग विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। आयोजन के लिए करीब 60 पंजीकरण प्राप्त हुए थे, जबकि 50 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी कलाकृतियों के जरिए सामाजिक मुद्दों को सामने रखा।
पोस्टर और रंगोली में दिखी विद्यार्थियों की अलग-अलग सोच
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लैंगिक पहचान, सामाजिक संवेदनशीलता, व्यक्तिगत गरिमा और समान अधिकारों जैसे विषयों को अपनी कलाकृतियों में जगह दी। पोस्टर मेकिंग के लिए प्रतिभागियों को ‘मानवता किसी एक लैंगिक पहचान तक सीमित नहीं’, ‘पूर्वाग्रह प्रतिभा की राह में बाधा है’ और ‘प्रतिभा का कोई लिंग नहीं होता’ जैसे विषय दिए गए थे। विद्यार्थियों ने इन विषयों पर पोस्टर बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी व्यक्ति की क्षमता का आकलन उसकी लैंगिक पहचान के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। समाज में मौजूद पूर्वाग्रह और भेदभाव कई बार लोगों की प्रतिभा को आगे बढ़ने से रोकते हैं। ऐसे में समान अवसर और सम्मान हर व्यक्ति का अधिकार है। रंगोली प्रतियोगिता की थीम ‘जेंडर एक स्पेक्ट्रम है, कोई दायरा नहीं’ रखी गई थी। इस विषय के माध्यम से विद्यार्थियों ने रंगों और डिजाइनों के जरिए यह विचार प्रस्तुत किया कि लैंगिक पहचान को किसी एक सीमित परिभाषा या दायरे में नहीं बांधा जा सकता।
हरनीत कौर और शिवानी ने हासिल किया पहला स्थान
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में हरनीत कौर की कलाकृति निर्णायक मंडल को सबसे बेहतर लगी और उन्हें पहला स्थान मिला। वंशिका ने दूसरा और जैस्मिन कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में शिवानी ने अपनी रचनात्मकता के दम पर पहला स्थान प्राप्त किया। संदली और शुभ्रा संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि हर्ष और वंशिका ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।
दोनों प्रतियोगिताओं में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 2000 रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वालों को 1000 रुपये और तीसरे स्थान के प्रतिभागियों को 500 रुपये दिए गए। इसके साथ ही सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. तीर्थंकर भट्टाचार्य और डॉ. सिम्मी अरोड़ा की निर्णायक मंडली ने किया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन प्रो. गुलशन कुमार और प्रो. नवनीत कौर अरोड़ा के मार्गदर्शन में किया गया। इस आयोजन के जरिए विद्यार्थियों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिला और कैंपस में लैंगिक समानता, आपसी सम्मान तथा भेदभाव रहित समाज का संदेश भी पहुंचा।
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