Congress Delhi rally: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी स्थित ब्लॉक-20 में आयोजित ‘वोट अधिकार जीने का अधिकार’ जन सुनवाई में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में ऊपर के स्तर से वोट चोरी की जा रही है और गरीबों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट है। उनके मुताबिक, भारत के प्रत्येक नागरिक को वोट देने का अधिकार है, लेकिन देशभर में करोड़ों लोगों से कथित तौर पर यह अधिकार व्यवस्थित तरीके से छीना जा रहा है।
कांग्रेस सांसद ने कहा, “इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट है। वोट भारत के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसके बावजूद देशभर में करोड़ों लोगों से उनका यह अधिकार यानी वोट व्यवस्थित तरीके से छीना जा रहा है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रही है और अब लोग भी इसे समझने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके अधिकारों और सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा देश को कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों के अनुरूप बनाने के लिए किया जा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में आम नागरिकों और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। ये आरोप कांग्रेस नेता ने जन सुनवाई के दौरान लगाए हैं।
चार बूथों से 416 नाम हटाने का दावा
जन सुनवाई में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। राहुल गांधी ने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बताया कि चार बूथों से 416 नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय नागरिक को वोट देने का अधिकार है और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के कारण लोगों को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नाम हटाए जाने का असर गरीब परिवारों के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ सकता है। हालांकि, चार बूथों से 416 नाम हटाए जाने के दावे और इसे अवैध तरीके से हटाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवालों के जवाब नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटा देते।
SIR के विरोध के बीच 30 अक्टूबर को प्रतीकात्मक संसद की तैयारी
राहुल गांधी के बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच आए हैं। इंडिया गठबंधन के दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग जैसी प्रक्रिया आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो’ मार्च और जनसभा प्रस्तावित है।
इससे पहले कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम की तैयारियों में पुलिस की ओर से बाधाएं डाली जा रही हैं। उन्होंने इस कथित कार्रवाई के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ होने का आरोप भी लगाया था। कांग्रेस के मुताबिक, नगर निगम से स्थल उपलब्धता प्रमाणपत्र मिलने के बाद 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान के इस्तेमाल की अनुमति ली गई थी। पार्टी और इंडिया गठबंधन ने कहा है कि चुनाव आयोग में जवाबदेही तय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण- रामलीला मैदान की अनुमति बरकरार
विरोध प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर उठे विवाद के बीच दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के लिए दी गई अनुमति वापस नहीं ली गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले दी गई अनुमति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, अशोक होटल में प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम के संबंध में पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह मामला होटल पर निर्भर करता है, क्योंकि परिसर निजी स्वामित्व में है। इस तरह, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है। कांग्रेस ने 30 अक्टूबर और 1 नवंबर के कार्यक्रमों की तैयारी की है, जबकि रामलीला मैदान की रैली को लेकर पुलिस ने अनुमति बरकरार रहने की बात कही है।
Click Here👉ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ पर विवाद, वेणुगोपाल ने केंद्र पर लगाए रोकने के आरोप

