August 16, 2026

Fatehabad Farmers: खनौरी बॉर्डर जाने से पहले रोके गए किसान, फतेहाबाद पुलिस ने रतिया से निकले जत्थे को लिया हिरासत में

0
Fatehabad Farmers: खनौरी बॉर्डर जाने से पहले रोके गए किसान, फतेहाबाद पुलिस ने रतिया से निकले जत्थे को लिया हिरासत में

खनौरी बॉर्डर जाने से पहले रोके गए किसान, फतेहाबाद पुलिस ने रतिया से निकले जत्थे को लिया हिरासत में

Fatehabad Farmers: खनौरी बॉर्डर पर प्रस्तावित पदयात्रा में शिरकत करने के लिए निकले भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रतिया-फतेहाबाद रोड पर नाकेबंदी कर हिरासत में ले लिया। रविवार सुबह यूनियन के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष राजविंद्र सिंह चहल की अगुवाई में यह जत्था रतिया स्थित ऐतिहासिक अजीतसर गुरुद्वारा साहिब से अरदास करने के बाद खनौरी के लिए रवाना हुआ था। हालांकि, जैसे ही किसानों का काफिला फतेहाबाद रोड पर पहुंचा, वहां पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया और सभी को बसों में बिठाकर शहर थाने ले जाया गया।

दातासिंह वाला से मिट्टी लेकर शुरू होनी थी पदयात्रा

किसानों की तय योजना के मुताबिक, उन्हें खनौरी बॉर्डर से सटे दातासिंह वाला गांव पहुंचना था। वहां आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवा किसान शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी नमन कर उन्हें अपनी पदयात्रा की शुरुआत करनी थी। बीकेयू (खेती बचाओ) के प्रवक्ता राम जाट ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई पर गहरा रोष जताया।

उन्होंने कहा, “किसान पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने खनौरी बॉर्डर जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। सरकार भले ही कितनी रुकावटें खड़ी कर ले, किसान हर हाल में खनौरी बॉर्डर पहुंचकर आंदोलनरत साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।”

किसान संगठनों ने साधा निशाना, कहा- लोकतांत्रिक तरीका अपनाए सरकार

फतेहाबाद पुलिस द्वारा किसानों को हिरासत में लिए जाने की घटना की अन्य किसान संगठनों ने भी सख्त शब्दों में निंदा की है। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के जिलाध्यक्ष निर्भय रतिया ने कहा कि प्रशासन को अन्नदाताओं के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों में अड़ंगा लगाने के बजाय उनके प्रतिनिधियों से मेज पर बैठकर बातचीत करनी चाहिए।

किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार को किसानों की जायज मांगों का स्थायी और लोकतांत्रिक समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीकेयू के पांच प्रतिनिधि सदस्यों का जत्था दिल्ली की ओर भी प्रस्थान करेगा और जब तक सरकार 13 मई व पूर्व में मानी गई मांगों को धरातल पर लागू नहीं करती, तब तक आंदोलन की यह मशाल बुझने वाली नहीं है।

यह भी पढ़ें– Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर छाएंगे मानसूनी बादल, सोनीपत-करनाल में जलभराव, जानें आपके जिले में कब होगी बारिश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed