Festive Shopping Budget Tips: त्योहारों की खरीदारी में न करें ये 5 गलतियां, वरना खाली हो जाएगी जेब
त्योहारों की खरीदारी में न करें ये 5 गलतियां, वरना खाली हो जाएगी जेब
Festive Shopping Budget Tips: गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के साथ ही भारत में त्योहारों के लंबे सीजन की शुरुआत हो चुकी है। घर की सजावट, नए कपड़े, गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर पूजा-पाठ और अपनों को दिए जाने वाले तोहफों तक—बाजार में हर तरफ खरीदारों की चहल-पहल है। गृहस्थी और घर का बजट संभालने वाले लोगों के लिए यह समय खुशियों के साथ-साथ एक बड़ी वित्तीय परीक्षा भी लेकर आता है। अक्सर देखने में आता है कि त्योहारों की उमंग में लोग बिन सोचे-समझे खरीदारी कर बैठते हैं, जिससे पर्व बीतते-बीतते महीने का बजट पूरी तरह गड़बड़ा जाता है। ऐसे में वित्तीय जानकारों का मानना है कि फेस्टिव शॉपिंग पर निकलने से पहले कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
ऑफ़र का मायाजाल और क्रेडिट कार्ड की फिजूलखर्ची से बचें
बाजारों में ’50 से 70 प्रतिशत तक छूट’ के बड़े-बड़े बोर्ड ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ही लगाए जाते हैं। अक्सर केवल डिस्काउंट देखकर लोग उन चीजों को भी अपने बैग में भर लेते हैं, जिनकी असल में कोई उपयोगिता नहीं होती। जानकारों का कहना है कि सिर्फ छूट देखकर खरीदारी करना बचत नहीं, बल्कि सीधी फिजूलखर्ची है। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड का अंधाधुंध इस्तेमाल भी बाद में भारी मुसीबत बन जाता है। कार्ड से उतना ही खर्च करें, जितना अगले महीने तय समय सीमा के भीतर चुकाया जा सके; अन्यथा ब्याज और पेनाल्टी आपकी बचत को भारी चपत लगा सकती है।
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पहले से तय करें बजट की सीमा: शॉपिंग लिस्ट बनाने से पहले अपने कुल बजट की सीमा तय कर लें। कपड़े, गिफ्ट्स, पूजा और घर की सजावट—इन सभी कैटेगरी के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित करना ही समझदारी है।
डिस्काउंट के लालच से रहें सावधान: 50% या 70% का बोर्ड देखकर सामान खरीदने से पहले खुद से पूछें कि क्या यह सामान वास्तव में आपकी जरूरत का है या नहीं।
क्रेडिट कार्ड का संभलकर करें इस्तेमाल: कार्ड को अपनी वास्तविक आय का विकल्प न समझें। उतना ही स्वाइप करें जितनी राशि का भुगतान बिल आने पर आप बिना किसी वित्तीय दबाव के कर सकें।
कीमतों की तुलना करना न भूलें: किसी भी प्रोडक्ट को जल्दबाजी में न खरीदें। स्थानीय दुकानों से लेकर विभिन्न ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले डिस्काउंट, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी की तुलना करने के बाद ही फैसला लें।
पर्व के बाद के आपातकालीन खर्चों का रखें ध्यान: फेस्टिव बजट बनाते समय केवल कपड़ों और गिफ्ट्स पर ही सारा पैसा न लगाएं। त्योहारों के दौरान मेहमानों की आवभगत, यात्रा, भोजन और छोटे-मोटे अन्य खर्चों के लिए भी कुछ फंड पहले से सुरक्षित रखें।
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