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Gurugram News: कैबिनेट मंत्री राव नरबीर के आवास का घेराव करने पहुंचे वन विभाग कर्मचारी, बैरिकेड्स पर धरना

Gurugram News: कैबिनेट मंत्री राव नरबीर के आवास का घेराव करने पहुंचे वन विभाग कर्मचारी, बैरिकेड्स पर धरना

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर के आवास का घेराव करने पहुंचे वन विभाग कर्मचारी, बैरिकेड्स पर धरना

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AAmandeep Singh

Gurugram News: हरियाणा में निकाय और अन्य चुनावों से पहले कर्मचारियों का असंतोष सड़कों पर दिखाई देने लगा है। रविवार को गुरुग्राम का सिविल लाइंस क्षेत्र उस वक्त पुलिस छावनी में तब्दील हो गया, जब वन विभाग के सैकड़ों अनुबंधित और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एकजुट होकर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के निवास का घेराव करने निकल पड़े।

जैसे ही वन विभाग कर्मचारियों का जुलूस मंत्री आवास की तरफ बढ़ा, मुस्तैद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। एहतियात के तौर पर पुलिस ने कोठी की ओर जाने वाली दोनों मुख्य सड़कों को मजबूत लोहे के बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया। गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई और उन्हें वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ा गया। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कोठी से काफी पहले ही रोक दिया, तो कर्मचारी वहीं सड़क पर बैरिकेड्स के समीप दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और न्यूनतम वेतन की लड़ाई

धरने पर बैठे कर्मचारी नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे संविदा (कच्चे) और दैनिक वेतनभोगी मजदूरों को आज तक पक्का नहीं किया गया है। महंगाई के इस दौर में उन्हें न तो समय पर वेतन मिल पाता है और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा लाभ।

कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासनिक आला अधिकारी केवल आश्वासन का झुनझुना थमा देते हैं। लगातार हो रही अनदेखी के चलते ही आज उन्हें कैबिनेट मंत्री के द्वार पर आकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी

सेवाओं का नियमितीकरण: विभाग में सालों से काम कर रहे सभी कच्चे और अनुबंधित कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से पक्का किया जाए।

समान काम-समान वेतन व न्यूनतम मानदेय: जब तक पक्का नहीं किया जाता, तब तक कम से कम 26 हजार रुपये का न्यूनतम मासिक वेतन दिया जाए।

पहचान पत्र व रिकॉर्ड: विभाग में कार्यरत सभी वन कर्मचारियों को आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) जारी किए जाएं।

अदालती आदेशों का पालन: जो कर्मचारी कोर्ट से केस जीत चुके हैं, उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत ड्यूटी पर वापस लिया जाए।

सेवामुक्त कर्मचारियों की बहाली: काम से हटाए गए सभी पुराने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से वापस काम पर बुलाया जाए।

रिटायरमेंट बेनिफिट्स: सेवामुक्त होने या सेवानिवृत्ति पर प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम 10 लाख रुपये की मुश्त वित्तीय सहायता दी जाए।

भ्रष्टाचार पर नकेल: विभाग के भीतर सक्रिय भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत सेवामुक्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और आला अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक कैबिनेट मंत्री से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

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