E-20 Fuel Controversy: ई-20 पेट्रोल से खराब हो रहे गाड़ियों के इंजन! अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से केंद्र के खिलाफ खोला मोर्चा
ई-20 पेट्रोल से खराब हो रहे गाड़ियों के इंजन! अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से केंद्र के खिलाफ खोला मोर्चा
E-20 Fuel Controversy: देशभर में पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल (E-20) के मिश्रण को अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने सरकार के खिलाफ तीखा रुख अपना लिया है। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में आयोजित एक विशाल राष्ट्रीय सम्मेलन में ई-20 ईंधन नीति का कड़ा विरोध किया गया। इस बैठक में देशभर से हजारों लोगों ने भौतिक रूप से और सात लाख से अधिक लोगों ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
कुरुक्षेत्र आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष जवाहर लाल गोयल ने जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि ई-20 पेट्रोल नीति के कारण देश का आम वाहन चालक बुरी तरह परेशान है। कुरुक्षेत्र जिले से भी करीब 500 पार्टी पदाधिकारियों और वाहन मालिकों ने इस राष्ट्रीय संवाद में ऑनलाइन हिस्सा लिया और अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा कीं।
‘इंजन हो रहे खराब, घट रहा माइलेज’— उपभोक्ताओं ने बयां किया दर्द
सम्मेलन के दौरान देशभर से आए भुक्तभोगी वाहन मालिकों ने अपने अनुभव साझा किए। लोगों का कहना था कि देश में चल रहीं अधिकांश गाड़ियाँ ई-10 (10% एथेनॉल) या उससे पुराने मानकों के हिसाब से निर्मित हैं। इनमें जबरन ई-20 पेट्रोल डालने से फ्यूल सप्लाई सिस्टम और इंजन के कलपुर्जों में तकनीकी खराबी आ रही है।
आप नेताओं ने दावा किया कि ई-20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज काफी गिर गया है, जिससे पेट्रोल की खपत बढ़ गई है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों पर विकल्प न होने के कारण लोगों को न चाहते हुए भी यही ईंधन खरीदना पड़ रहा है।
अरविंद केजरीवाल की पीएम से मांग: विकल्प दे सरकार, जबरदस्ती न थोपे नीति
बैठक को संबोधित करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से इस नीति पर पुनर्विचार करने की अपील की। केजरीवाल ने मांग रखी कि केंद्र सरकार वाहन चालकों पर ई-20 पेट्रोल जबरन थोपने की नीति तुरंत बंद करे। तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ई-10 या नॉर्मल पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि लोग अपने वाहन के इंजन के हिसाब से सही ईंधन चुन सकें।
कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष जवाहर गोयल ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वाहनों के समय से पहले कबाड़ होने और उपभोक्ताओं के वित्तीय नुकसान का दायरा और बढ़ जाएगा। कुरुक्षेत्र से इस वर्चुअल विरोध कार्यक्रम में सुमित हिंदुस्तानी, कृष्ण बजाज, नवी घारवी, पुष्पराज, अमरीक बकाली, दीपक प्रभाकर, मान सिंह, गहल सिंह संधू, दिनेश सिघंड, सतीश कुमार और भरत बराड़ समेत कई प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे।
