Haryana AQI: दीपावली की रंगत जमने से पहले ही हरियाणा के कई जिलों में प्रदूषण का प्रकोप गहराने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सूबे के 5 प्रमुख शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के खतरनाक आंकड़े को पार कर गया है। झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित पाई गई, जहां AQI 324 दर्ज किया गया। एनसीआर से सटे गुरुग्राम (305), मानेसर (309), बल्लभगढ़ (319) और पंचगांव (320) में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इन सभी इलाकों में आबोहवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच चुकी है।
रेड ज़ोन में पहुंचे शहर, 7 अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक
CPCB के मानकों के मुताबिक 201 से 300 का AQI ‘खराब’ और 301 से 400 तक का स्तर ‘बेहद खराब’ माना जाता है। बहादुरगढ़ और गुरुग्राम जैसे शहरों में ‘बेहद खराब’ श्रेणी की हवा सिर्फ सांस के मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों की सेहत पर भी भारी पड़ रही है। इसके अलावा अंबाला, करनाल और रोहतक समेत राज्य के 7 अन्य शहरों में भी AQI ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। धुंध और धुएं की मिली-जुली परत ने सुबह और शाम के वक्त विजिबिलिटी पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
पारे का अनोखा खेल: दिन में गर्मी, तो रात में महसूस हो रही ठंडक
नवंबर की शुरुआत के साथ मौसम भी दोहरा मिजाज दिखा रहा है। राज्य में दिन और रात के तापमान में 18 डिग्री से भी ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है। हिसार में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि सिरसा (31.2°C), भिवानी (31.3°C) और चरखी दादरी (30.9°C) में भी दोपहर के वक्त धूप का तीखा असर रहा। इसके उलट, रात ढलते ही गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा है। गुरुग्राम में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नारनौल (14.5°C), पंचकूला (14.7°C) और करनाल (14.9°C) में भी रातें ठंडी रहने लगी हैं।
नवंबर में सामान्य से कम बारिश के आसार, धीमी रहेगी ठंड की रफ्तार
मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल नवंबर महीने में हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दिन का अधिकतम और रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना रह सकता है, जिसका सीधा मतलब है कि इस बार कड़ाके की ठंड आने में वक्त लगेगा। 3 से 9 नवंबर के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद है, यानी फिलहाल बारिश से प्रदूषण से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
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