Haryana Guest Teacher News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में वर्षों से सेवाएं दे रहे 10,757 गेस्ट टीचर्स के आंदोलन में सोमवार को बड़ा मोड़ आया। पक्की नौकरी की मांग को लेकर चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे हजारों शिक्षकों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज के दखल और आश्वासन के बाद अपना चंडीगढ़ कूच फिलहाल टाल दिया है। अंबाला में मंत्री अनिल विज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके से ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से फोन पर बात की और आगामी 2 नवंबर को गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता मुख्यमंत्री से कराने का समय तय कराया।
शाहाबाद में पुलिस की बैरिकेडिंग, रणनीति बदलकर अंबाला पहुंचे शिक्षक
इससे पहले सोमवार सुबह जब शिक्षकों का जत्था शाहाबाद से अंबाला की तरफ बढ़ने लगा, तो पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बराड़ा रोड पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। मौके पर वाटर कैनन और आंसू गैस के वाहन भी तैनात थे। हालांकि, शिक्षकों ने तुरंत अपनी रणनीति बदली और मुख्य हाईवे के बजाय वैकल्पिक रास्तों से बाइक, कार और बसों में सवार होकर अंबाला के मोहड़ा तक पहुंच गए। इस दौरान कुछ नेता शाहाबाद बैरिकेड्स पर पुलिस को उलझाए रखने के लिए भाषण देते रहे, जबकि बाकी शिक्षक आगे निकल गए।
2014 की नीति और हाईकोर्ट के फैसलों को लागू करने पर अड़े
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता कुलदीप झरौली और डॉ. अजय लोहान ने साफ कहा कि सरकार वर्ष 2014 में बनी 3 साल की नियमितीकरण नीति को अक्षरशः लागू करे। शिक्षकों की मांग है कि अदालत के आदेशों के तहत उन्हें 28 मई 2014 से पक्का माना जाए और इसी तिथि से बनता 6 प्रतिशत ब्याज के साथ बकाया वेतन, ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ दिए जाएं। शिक्षक संघ का कहना है कि नए नियमों में नियमितीकरण, ईपीएफ और वेतन बढ़ोतरी का स्पष्ट प्रावधान न होना अन्यायपूर्ण है।
2005 से जारी है संघर्ष, 23 जून से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना
उल्लेखनीय है कि यह विवाद वर्ष 2005-06 से चला आ रहा है, जब स्कूलों में खाली पड़े पदों पर मेरिट के आधार पर करीब 12,700 गेस्ट फैकल्टी नियुक्त किए गए थे। सरकार ने हाईकोर्ट में इसे ‘अस्थायी व्यवस्था’ बताया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 20 साल तक सेवाएं लेने के बाद सरकार के इस रवैये को अनुचित ठहराया था। राज्य कार्यकारिणी सदस्य मेवा सिंह पिलानिया और बलजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि अपनी जायज मांगों को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय के बाहर धरना निरंतर जारी है।
यह भी पढ़ें– 26 अक्टूबर को विधायकों का घेराव, 1 नवंबर को 6 जिलों में रैलियां करेंगे हरियाणा के गेस्ट टीचर

