Haryana Higher Education: महिला अनुबंध कर्मचारियों को झटका, उच्च शिक्षा विभाग ने वापस ली अतिरिक्त CL

महिला अनुबंध कर्मचारियों को झटका, उच्च शिक्षा विभाग ने वापस ली अतिरिक्त CL
Haryana Higher Education: हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत महिला अनुबंध कर्मचारियों को सरकार ने एक बड़ा झटका दिया है। विभाग ने हाल ही में लागू की गई उस व्यवस्था को अचानक रद्द कर दिया है, जिसके तहत महिला कर्मचारियों को हर महीने एक अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) देने का प्रावधान किया गया था। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 28 जुलाई 2026 को जारी अपने ही आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
28 जुलाई के फैसले से साल में मिलने लगी थीं 22 छुट्टियां
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा निदेशालय ने 28 जुलाई को आदेश जारी कर अपने अधीन आने वाले सभी सरकारी कॉलेजों और संस्थानों में तैनात पात्र महिला अनुबंध कर्मचारियों को राहत दी थी। इसके तहत कैलेंडर वर्ष में मिलने वाली सामान्य 10 सीएल के अलावा हर महीने 1 अतिरिक्त सीएल का प्रावधान किया गया था। यानी महिला कर्मियों को साल भर में कुल 22 दिन की आकस्मिक छुट्टियां मिलने का रास्ता साफ हो गया था। लेकिन महज कुछ ही हफ्तों के भीतर इस फैसले को वापस खींच लिया गया है।
इन पदों पर कार्यरत महिला कर्मचारियों पर पड़ेगा सीधा असर
निदेशालय के इस यू-टर्न से उच्च शिक्षा विभाग की विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत हजारों महिला कर्मचारी प्रभावित होंगी। इस सुविधा के दायरे में एक्सटेंशन लेक्चरर, क्लर्क, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (प्यून), लैब अटेंडेंट, लाइब्रेरी अटेंडेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मचारी शामिल थे। इस फैसले के बाद इन कर्मचारियों को अब फिर से पुरानी सीमित छुट्टियों के भरोसे ही काम करना पड़ेगा।
महानिदेशक ने जारी किए आदेश, 2025 का पत्र रहेगा प्रभावी
उच्च शिक्षा महानिदेशक एस. नारायणन (IFS) द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों में साफ कहा गया है कि 28 जुलाई 2026 का आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2025 (पत्रांक 12/01-2024 Ad-2) के तहत जारी पुराना पत्र ही लागू रहेगा। इस संबंध में प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों, एनसीसी यूनिटों के कमांडिंग अधिकारियों, जिला व उप-मंडल पुस्तकालयों के अध्यक्षों और निदेशालय की सभी शाखाओं को अनुपालन के सख्त निर्देश भेज दिए गए हैं।
