Gurugram News: गुरुग्राम NH-48 पर टला बड़ा हादसा, बिलासपुर चौक के पास रोडवेज बस और ट्रक में भिड़ंत, बाल-बाल बचे यात्री

गुरुग्राम NH-48 पर टला बड़ा हादसा, बिलासपुर चौक के पास रोडवेज बस और ट्रक में भिड़ंत, बाल-बाल बचे यात्री
Gurugram News: गुरुग्राम के बिलासपुर चौक के समीप नेशनल हाईवे-48 पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सवारियों से ठसाठस भरी हरियाणा रोडवेज की बस और एक तेज रफ्तार ट्रक आपस में टकरा गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि बस का मध्य भाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक टक्कर के बावजूद किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। घटना के तुरंत बाद हाईवे पर हड़कंप मच गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
बिना इंडिकेटर गाड़ी मोड़ने से बिगड़ा संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह हादसा उस समय हुआ जब रोडवेज बस दिल्ली-जयपुर मार्ग से गुजर रही थी। बिलासपुर चौक के पास बस चालक ने आगे चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी बीच ट्रक चालक ने बिना कोई उचित इशारा या इंडिकेटर दिए अचानक अपनी गाड़ी को बाईं तरफ मोड़ दिया। अचानक बदले इस मोड़ के कारण बस सीधे ट्रक से जा भिड़ी, जिससे बस के बीच वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा।
चालकों में तीखी बहस से थमी रफ्तार
टक्कर होते ही बस में मौजूद सवारियों के होश उड़ गए। हादसे के ठीक बाद रोडवेज बस और ट्रक, दोनों के चालक गाड़ियों से नीचे उतर आए और बीच सड़क ही एक-दूसरे पर लापरवाही का आरोप मढ़ते हुए भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे हाईवे पर हंगामा खड़ा हो गया। मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद राहगीरों और अन्य वाहन चालकों ने हस्तक्षेप किया और दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
निर्माणाधीन फ्लाईओवर और संकरी सड़क बनी मुसीबत
दुर्घटना और चालकों के बीच हुए हंगामे के कारण हाईवे पर गाड़ियों का पहिया पूरी तरह थम गया। बिलासपुर चौक पर लंबे समय से फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते सड़क पहले से ही काफी संकरी हो चुकी है। इस जगह पर वाहनों की रफ्तार अमूमन धीमी ही रहती है, लेकिन हादसे के बाद वाहनों की कतारें कई किलोमीटर पीछे तक पहुंच गईं, जिससे राहगीरों को घंटों रेंग-रेंगकर निकलने पर मजबूर होना पड़ा।
हादसों का डेंजर ज़ोन बना बिलासपुर चौक
स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि बिलासपुर चौक पर चल रहा अव्यवस्थित निर्माण कार्य अब यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। रात और सुबह के समय कम दृश्यता के बीच संकरी सड़क से गुजरना बेहद जोखिम भरा होता है। जल्दबाजी और ओवरटेकिंग की होड़ में आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होना आम बात बन चुकी है। हाईवे पर ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात तो रहते हैं, लेकिन वाहनों के अत्यधिक दबाव और सिकुड़ती सड़क के सामने उनकी व्यवस्थाएं भी बेबस नजर आती हैं।
यह भी पढ़ें– Rohtak News: रोहतक में डेंगू की दस्तक, सितंबर के 8 दिन में आए 8 मरीज, सेक्टर-3 और 14 तक फैला संक्रमण
