Haryana Politics: हरियाणा की राजनीति और विधायी इतिहास को सहेजने के मकसद से पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में सोमवार को बुलाया गया ‘जनप्रतिनिधि सम्मेलन’ चर्चाओं में आ गया। एक मंच पर चार पीढ़ियों के संगम की तैयारियों के बीच कार्यक्रम स्थल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा नाराज होकर वापस लौट गए। हुड्डा कार्यक्रम स्थल के बाहर लगे होर्डिंग्स और पोस्टरों पर अपनी तस्वीर न पाकर बेहद खफा दिखे और इसे अपनी अनदेखी माना।
“यह सरासर बदतमीजी है…” – अधिकारियों की मान-मनौव्वल भी रही नाकाम
भूपेंद्र हुड्डा के कार्यक्रम छोड़कर जाने की खबर मिलते ही प्रशासनिक और विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें मनाने के लिए पीछे भागे। हालांकि, हुड्डा का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह दिल्ली या रोहतक से विशेष रूप से इस कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे और इस तरह का व्यवहार सरासर बदतमीजी है। हुड्डा के कड़े रुख को देखते हुए उनके समर्थक और वरिष्ठ विधायक बीबी बत्रा तथा आफताब अहमद भी विरोध जताते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए।
233 जनप्रतिनिधियों का जुटान: चार पीढ़ियों के अनुभव का अनूठा संगम
विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की पहल पर आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश भर से 57 वर्तमान और 176 पूर्व विधायकों सहित कुल 233 जनप्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल प्रो. असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी मौजूदगी रही। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों, हरियाणा की विकास यात्रा और ‘विकसित हरियाणा’ के रोडमैप में जनप्रतिनिधियों की ऐतिहासिक भूमिका पर मंथन करना था।
90 साल के बुजुर्ग दिग्गजों से लेकर युवा विधायकों तक की दिखी मौजूदगी
इस सम्मेलन की सबसे खास बात प्रदेश के संसदीय अनुभव की विविधता रही। एक तरफ जहां 1935 में जन्मे सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक गणपत राय और ओपी भारद्वाज तथा वरिष्ठतम महिला जनप्रतिनिधि सावित्री जिंदल मौजूद रहीं, वहीं दूसरी तरफ नई पीढ़ी के सबसे युवा विधायक आदित्य सुरजेवाला और युवा महिला विधायक विनेश फौगाट ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा 7-7 बार चुनाव जीतने वाले कैबिनेट मंत्री अनिल विज और पूर्व स्पीकर डॉ. रघुवीर सिंह कादियान आकर्षण का केंद्र बने रहे।
यह भी पढ़ें–Sirsa Roadways Strike: सिरसा में रोडवेज बसों का चक्का जाम, 100 से ज्यादा बसें ठप

