Haryana Weather: हरियाणा के मौसम ने एक बार फिर अचानक ऐसी करवट ली है कि पूरे प्रदेश में गुलाबी ठंड की आहट के बीच तेज हवाओं और बारिश का दौर शुरू हो गया है। चक्रवात ‘अर्नब’ और उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले असर से शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों में मौसम विज्ञान केंद्र ने अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने जहां आम लोगों को गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलों को लेकर किसानों की धड़कनें तेज कर दी हैं।
अचानक बदले इस घटनाक्रम का सीधा असर तापमान पर देखने को मिला है। राज्य भर में औसतन अधिकतम तापमान में महज 24 घंटे के भीतर 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो इस सीजन में अब तक की सबसे तेज गिरावट मानी जा रही है।
9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: 50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, गिरेगी बर्फबारी की तरह ओलावृष्टि
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक जीटी रोड बेल्ट और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे जिलों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है। यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, झज्जर, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में मौसम विभाग ने बाकायदा ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आंधी चलने और गरज-चमक के साथ ओले गिरने का सीधा खतरा मंडरा रहा है।
जींद और कैथल के आसपास के क्षेत्रों में भी बादलों का डेरा जमा हुआ है। आकाशीय बिजली चमकने और अचानक तेज हवाओं के चलने से सड़कों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) पर असर पड़ सकता है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने वाहन चालकों को संभलकर चलने की हिदायत दी है।
जीटी रोड से लेकर अरावली बेल्ट तक बारिश, येलो अलर्ट पर 9 अन्य जिले
प्रदेश के बाकी हिस्से भी मौसम के इस मिजाज से अछूते नहीं हैं। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, रोहतक, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने के पूरे आसार बने हुए हैं।
गुरुवार को भी फरीदाबाद, नारनौल, पंचकूला और करनाल समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी ने पूरे सूबे का मिजाज बदल दिया था। लगातार बने बादलों और नमी के कारण दिन का औसत तापमान सामान्य स्तर से लगभग 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे फिसल गया है, जिससे दोपहर के वक्त भी हल्की सिहरन महसूस होने लगी है।
बंगाल की खाड़ी से आई नमी ने बिगाड़ा खेल, 31 अक्टूबर तक राहत के आसार नहीं
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के मुख्य मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, इस मौसमी उथल-पुथल की मुख्य वजह हवाओं के रुख में आया अचानक बदलाव है। बीते 29 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं की जगह उत्तर-पूर्वी हवाओं ने ले ली है। इसके साथ ही चक्रवाती प्रभाव के चलते बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी से भरी हवाएं सीधे हरियाणा के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं।
नमी और पश्चिमी विक्षोभ के इस गठजोड़ का असर 31 अक्टूबर तक बने रहने की संभावना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट से लेकर तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, जबकि सुबह और शाम के वक्त ठंड का असर और गहराने के संकेत हैं।
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