Kaithal Kalayat Police Raid: कैथल जिले में नशा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने आक्रामक रुख अपना लिया है। शुक्रवार तड़के कलायत स्थित संवेदनशील सेंसी बस्ती उस वक्त छावनी में तब्दील हो गई, जब भारी पुलिस बल ने अचानक पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। डीएसपी मुख्यालय बीर भान के नेतृत्व में शुरू हुए इस स्पेशल ऑपरेशन में करीब 150 पुलिस जवानों ने नशा तस्करों के संभावित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
अचानक हुई इस छापामारी से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीमों ने लगभग तीन घंटे तक पूरे इलाके को सील रखकर सर्च ऑपरेशन चलाया।
स्निफर डॉग्स के साथ 50 घरों की कोना-कोना तलाशी, सीआईए और थाना पुलिस रही मुस्तैद
इस घेराबंदी सह तलाशी अभियान (CASO) में कलायत थाना प्रभारी एसआई रणदीप और सीआईए कलायत प्रभारी एएसआई मनीष कुमार की अगुवाई में पुलिस की अलग-अलग टुकड़ियों ने मोर्चा संभाला। नशीले पदार्थों को छिपाने के संभावित गुप्त ठिकानों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) का सहारा लिया गया। पुलिस टीमों ने करीब 50 संदिग्ध मकानों के अंदर, छतों और आसपास की खाली जगहों की बारीकी से जांच की।
स्थानीय खुफिया तंत्र से मिली जानकारियों के आधार पर उन रास्तों और परिसरों को विशेष रूप से खंगाला गया, जिनका इस्तेमाल असामाजिक तत्व नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की खेप छिपाने के लिए करते थे।
2026 में अब तक 190 केस दर्ज, 305 नशा तस्करों को भेजा जा चुका है जेल
सर्च ऑपरेशन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डीएसपी बीर भान ने पुलिस की इस कार्रवाई के मकसद को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इस विशेष रेड का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय तस्करों के मन में कानून का खौफ पैदा करना और युवाओं को दलदल में धकेलने वाले तंत्र की कमर तोड़ना है। कैथल पुलिस का संदेश बिल्कुल साफ है कि मादक पदार्थों के अवैध धंधे में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
डीएसपी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि चालू वर्ष 2026 के दौरान कैथल पुलिस अब तक एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 190 एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जिनमें 305 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि पुलिस लगातार नशे के नेटवर्क पर करारा प्रहार कर रही है।
तस्करों की जगह समाज में नहीं जेल में, सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गुप्त
सर्च ऑपरेशन निपटाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने सेंसी बस्ती और आसपास के इलाकों के नागरिकों के साथ बैठक भी की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को नशे के सामाजिक व शारीरिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और अपील की कि वे अपने क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने में भागीदार बनें।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से वादा किया है कि यदि कोई व्यक्ति इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई की जानकारी पुलिस को देता है, तो उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। अधिकारियों ने दोटूक लहजे में कहा कि नशा तस्कर समाज के दुश्मन हैं और उनकी जगह बस्तियों में नहीं, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे है। आगे भी ऐसे अचानक छापेमारी अभियान जिले भर में जारी रहेंगे।
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