Haryana Weather: हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से मैदानों की तरफ बह रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने हरियाणा में मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल दिया है। प्रदेश में सुबह और सूरज ढलने के बाद गुलाबी ठंड का असर अब साफ महसूस होने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के औसतन न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। फिलहाल नारनौल 14 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ मैदानी बेल्ट का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया।
हालांकि, दोपहर के वक्त चटक धूप निकलने के चलते अधिकांश जिलों में सामान्य गर्मी बरकरार है। प्रदेश का औसतन अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस चढ़ा है, जहां हिसार 32.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म दर्ज हुआ। इसके ठीक उलट रोहतक में दिन के तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट देखी गई, जिससे वहां का अधिकतम पारा महज 26.9 डिग्री सेल्सियस पर अटक गया।
खेतों में नमी का असर: अलसुबह छाएगी हल्की धुंध, रात के तापमान में होगी बढ़ोतरी
मौसम के इस बदले रुख पर हिसार स्थित कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण पूरे प्रदेश के खेतों और खुले मैदानों में पर्याप्त नमी मौजूद है। इसी नमी और ठंडी हवाओं के तालमेल से अलसुबह के वक्त मैदानी और खुले इलाकों में हल्की धुंध या कोहरा दिखाई दे सकता है।
डॉ. खीचड़ के अनुसार, इस वातावरणीय नमी के चलते सुबह और शाम के समय हल्की ठिठुरन बनी रहेगी। हालांकि, बादलों की आंशिक आवाजाही और आद्रता की वजह से आने वाले दिनों में रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
किसानों के लिए अलर्ट: सरसों और चने की बिजाई का यही है सही समय
मौसम में आई इस तब्दीली और मिट्टी में बनी नमी को देखते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों की मौजूद स्थिति रबी फसलों की बुवाई के लिए पूरी तरह अनुकूल है। किसानों को बिना समय गंवाए सरसों की RH 30 और RH 0749 किस्मों की बिजाई शुरू कर देनी चाहिए।
इसके अलावा, चने की खेती करने वाले काश्तकारों के लिए C 235 और HC 5 किस्मों की सिफारिश की गई है। विशेषज्ञों ने पशुपालक किसानों को जई और बरसीम जैसी चारे वाली फसलों की तैयारी तेजी से पूरी करने को कहा है। आने वाले दिनों में धुंध और ठंड के जोर पकड़ने की संभावना को देखते हुए किसान भाई अपनी खेती-किसानी की योजनाएं समय रहते पूरी कर लें।
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