September 21, 2026

Haryana Weather: हरियाणा से मानसून की विदाई तय, दिन में तीखी धूप तो रात में गिरा पारा, जानिए अपने शहर का हाल

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Haryana Weather: हरियाणा से मानसून की विदाई तय, दिन में तीखी धूप तो रात में गिरा पारा, जानिए अपने शहर का हाल

दिन में तीखी धूप तो रात में गिरा पारा

Haryana Weather: हरियाणा में मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और राज्य भर में झमाझम बारिश की उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी हैं। मानसून के सुस्त पड़ते ही सूबे के मौसम के मिजाज में भी साफ बदलाव नजर आने लगा है। जहां दोपहर के समय तेज धूप के साथ हल्की उमस और गर्मी बनी हुई है, वहीं सूरज ढलते ही रात के तापमान में आ रही गिरावट से सुबह और शाम को हल्की गुलाबी ठंड की दस्तक महसूस की जाने लगी है। मौसम विज्ञानियों का आंकलन है कि आगामी 25 सितंबर तक मानसूनी हवाएं हरियाणा के तमाम हिस्सों से पूरी तरह रुखसत हो जाएंगी।

दिन में पारे की उछाल तो रात में मिली राहत, रोहतक रहा सबसे गर्म

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विरोधाभासी ट्रेंड देखने को मिल रहा है। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में जहां 0.6 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ है, वहीं औसत न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। बीते 24 घंटों में 36.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ रोहतक राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम में 36.4 और फरीदाबाद में 35.9 डिग्री पारा रहा। इसके विपरीत, रात के समय करनाल में सबसे कम 22.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ, जिसने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी। पंचकुला, यमुनानगर, अंबाला और रेवाड़ी में भी रात का पारा 22 से 23 डिग्री के बीच सिमट गया।

एंटीसाइक्लोनिक सर्कुलेशन बदला हवा का रुख, अब पश्चिमी हवाएं दिखाएंगी असर

चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, मानसूनी हवाओं की वापसी की सीमा रेखा राजस्थान के रामगढ़, फलोदी और खाजूवाला तक पहुंच चुकी है। राजस्थान के ऊपर एंटीसाइक्लोनिक सर्कुलेशन (विपरीत चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) बनने के कारण अब पुरवाई हवाओं की जगह शुष्क पश्चिमी हवाएं चलने लगी हैं। इसके प्रभाव से मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा मध्य भारत की ओर खिसक जाएगी, जिससे हरियाणा में बची-कुची मानसूनी हलचल भी पूरी तरह थम जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि मानसून की आधिकारिक विदाई रेखा हिसार या सिरसा से होकर गुजरेगी।

बीते 6 वर्षों में सबसे कमजोर मानसून, बारिश में दर्ज हुई 22% की भारी कमी

कृषि प्रधान राज्य हरियाणा के लिहाज से यह मानसूनी सीजन काफी निराशाजनक साबित हुआ है। इस साल मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में कुल 317.5 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 409.7 मिमी माना जाता है। इस तरह देखें तो पूरे राज्य में इस बार सामान्य से 22 प्रतिशत कम मेघ बरसे हैं। बीते छह सालों के आंकड़ों की तुलना करें तो यह अब तक का सबसे कमजोर मानसून साबित हुआ है। इससे पहले साल 2019 में राज्य के भीतर महज 255 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी।

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