Janmashtami Rangoli Designs: जन्माष्टमी पर रंगोली से सजाएं कान्हा का दरबार, इन आसान और लेटेस्ट डिजाइंस से बढ़ाएं घर की रौनक

जन्माष्टमी पर रंगोली से सजाएं कान्हा का दरबार, इन आसान और लेटेस्ट डिजाइंस से बढ़ाएं घर की रौनक
Janmashtami Rangoli Designs: भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि को मनाए जाने वाले श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार को लेकर हर तरफ अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। घरों में लड्डू गोपाल के लिए सुंदर-सुंदर पोशाकें, झूला, फूलों का श्रृंगार और रोशनी की व्यवस्था की जा चुकी है। हालांकि, त्योहार की इस सजावट में जब तक घर की चौखट या पूजा कक्ष के सामने रंगोली के चटख रंग न बिखरें, तब तक रौनक अधूरी सी लगती है। यदि आप भी इस बार कान्हा के स्वागत के लिए कुछ खास और झटपट बनने वाले डिजाइंस तलाश रहे हैं, तो कुछ पारंपरिक और मिनिमल रंगोली पैटर्न्स आपकी काफी मदद कर सकते हैं।
खास बात यह है कि इन डिजाइंस को बनाने के लिए आपको किसी बड़े आर्टिस्ट होने की जरूरत नहीं है। अगर आपका हाथ रंगोली बनाने में बहुत साफ नहीं भी है, तो आप घर में मौजूद कटोरी, चूड़ी, चॉक और पेपर स्टैंसिल की मदद से मिनटों में बेहद खूबसूरत आकृतियां उकेर सकते हैं। कान्हा के नन्हे पैर, मोरपंख, मुरली और माखन की मटकी जैसे छोटे-छोटे प्रतीक आपके आशियाने को उत्सव के रंग में ढालने के लिए काफी हैं।
नन्हे पदचिह्न, मोरपंख और माखन मटकी: जन्माष्टमी के सबसे लोकप्रिय रंगोली पैटर्न
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घर में बाल गोपाल के आगमन का भाव दर्शाने के लिए मुख्य द्वार से पूजा घर की ओर जाते हुए कान्हा के छोटे-छोटे पदचिह्न बनाना सबसे शुभ और प्यारा विकल्प माना जाता है। सफेद, लाल या नीले रंग से इन नन्हे पैरों को बनाकर उनके चारों ओर पीले और गुलाबी रंग की छोटी बिंदियां सजाई जा सकती हैं। डिजाइन के अंत में एक छोटा मोरपंख या माखन का कलश उकेरने से इसकी सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। बच्चे भी इस तरह की आसान रंगोली बनाने में आपका हाथ आसानी से बटा सकते हैं।
वहीं, श्रीकृष्ण की पहचान माने जाने वाले मोरपंख और बांसुरी का संयोजन भी काफी लोकप्रिय है। फर्श पर एक तिरछी बांसुरी बनाकर उसके एक सिरे पर बड़ा सा मोरपंख और दूसरे सिरे पर फूलों की बेल उकेरी जा सकती है। इसके लिए नीले, हरे और सुनहरे रंगों का इस्तेमाल बेहद आकर्षक लगता है। इसके अलावा, माखन की मटकी वाला डिजाइन बच्चों के कमरे या झांकी के पास खूब जंचता है। चॉक से मटकी का ढांचा तैयार कर उसमें से छलकते सफेद माखन और आसपास बिखरी बूंदों का आकार देकर इसे बेहद जीवंत रूप दिया जा सकता है।
कम जगह के लिए ‘राधा-कृष्ण’ नाम और ताजे फूलों से बनी मिनिमल रंगोली
यदि आपके पास समय की कमी है या फिर अपार्टमेंट के मुख्य द्वार पर जगह कम है, तो आप मिनिमल ‘राधा-कृष्ण’ नाम वाली रंगोली चुन सकती हैं। एक गोल घेरा बनाकर उसके बीच में सफेद रंग से सुंदर अक्षरों में ‘राधा-कृष्ण’ या ‘श्रीकृष्ण’ लिखें और घेरे की बाहरी सीमा को मोरपंख, पत्तियां या छोटी-छोटी बिंदियों से सजा दें। लिखावट में सफाई लाने के लिए पहले चॉक से अक्षर लिख लें और फिर ऊपर से रंग भरें। यह सिंपल डिजाइन देखने में बेहद सोबर और खूबसूरत नजर आता है।
रंगों के अलावा, ताजे प्राकृतिक फूलों की पत्तियों से बनी रंगोली भी इस पावन अवसर पर एक बेहतरीन विकल्प है। गेंदे के पीले व नारंगी फूल, गुलाब की पंखुड़ियां और आम की हरी पत्तियों का उपयोग कर आप स्वास्तिक, गोल चक्र या दही-हांडी का आकार दे सकते हैं। फूलों की रंगोली न केवल देखने में नयनरम्य लगती है, बल्कि इसकी भीनी-भीनी खुशबू से पूरा घर और पूजा स्थल दिनभर महकता रहता है।
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