Jharkhand Student Protest: विधानसभा कूच के दौरान छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे, JPSC के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

विधानसभा कूच के दौरान छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज
Jharkhand Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान टकराव में बदल गया। हजारों छात्र ओल्ड विधानसभा के पास जुटे और विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े, जहां पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। बैरिकेडिंग पार करने के प्रयास के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया तथा लाठीचार्ज भी किया। प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर से करीब 100 मीटर पहले रोक दिए गए। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में चोट लगने का दावा किया, जबकि पुलिस का कहना था कि भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा उपाय किए गए।
छह लेयर की सुरक्षा, बैरिकेडिंग पर चढ़े छात्र
छात्र सुबह करीब 10 बजे ओल्ड विधानसभा के पास एकत्रित हुए। इसके बाद उन्होंने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटीले तारों समेत कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी और इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद तनाव बढ़ने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पानी की बोतलें और चप्पलें फेंके जाने की बात भी सामने आई है। मौके पर CCTV के जरिए निगरानी की गई। सुरक्षा व्यवस्था का मकसद प्रदर्शनकारियों को विधानसभा के प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंचने से रोकना था।
17 दिन से आंदोलन, छह छात्र भूख हड़ताल पर
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी रहा। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो समेत छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं। महतो ने विधानसभा मार्च में एंबुलेंस से पहुंचकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है।
महतो ने कहा कि सरकार के साथ छात्रों की तीन दौर की बातचीत हो चुकी है और अब उनकी मांगें पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते गिरफ्तार
छात्र आंदोलन के बीच झारखंड CID ने पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
21 जुलाई को JPSC कार्यालय में छापेमारी के बाद ख्यांगते ने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों और कथित अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ा रही है।
बाबूलाल मरांडी ने गिरफ्तारी को बताया ‘दिखावा’
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी केवल दिखावा है और सरकार बाद में बिना चार्जशीट के डिफॉल्ट बेल के जरिए मामले को ठंडे बस्ते में डाल सकती है।
मरांडी ने कहा कि छात्रों की मांग केवल JPSC तक सीमित नहीं है। उन्होंने JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में भी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई।
उन्होंने JPSC के तीनों सदस्यों के साथ JSSC-CGL से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। मरांडी के आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
परीक्षा विवाद से रोजगार और पारदर्शिता का सवाल
छात्रों का आंदोलन सिर्फ एक परीक्षा के नतीजे तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रांची में सोमवार की झड़प ने इस विवाद को और तीखा कर दिया है। एक तरफ छात्र लगातार आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, वहीं प्रशासन के सामने विधानसभा जैसे संवेदनशील इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
