Jind news: हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच जींद जिले के सफीदों क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सफीदों सदर थाने में तैनात जांच अधिकारी पीएसआई (सब-इंस्पेक्टर) संदीप कुमार पर मारपीट के एक मामले में पक्षपात करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस लेन-देन और बातचीत से जुड़ा एक कथित वीडियो और ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंचते ही जींद के पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पीएसआई संदीप कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है और मामले की उच्चस्तरीय विभागीय जांच शुरू करवा दी है।
4 जुलाई को दर्ज हुआ था जानलेवा हमले का मुकदमा
जानकारी के मुताबिक, पानीपत निवासी नंदराम शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP Haryana) और जींद एसपी को औपचारिक शिकायत भेजी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके रिश्तेदार और गांव हाट निवासी राजवीर की शिकायत पर बीती 4 जुलाई को सफीदों सदर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप था कि गांव के ही कुछ दबंगों ने राजवीर पर तलवारों और लाठी-डंडों से कातिलाना हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन जांच का जिम्मा संभाल रहे पीएसआई संदीप कुमार पर आरोप है कि वे आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय मामले को लटकाते रहे।
‘फाइल में रखवा लिए 50 हजार रुपये’, बातचीत की क्लिप हुई लीक
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लेकर जांच अधिकारी के पास पहुंचे, तो पीएसआई संदीप कुमार ने काम करने के बदले 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली। बाद में सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब उन्होंने 50 हजार रुपये की रकम दी, तो पुलिसकर्मी ने चालकता दिखाते हुए पैसे सीधे हाथ में लेने के बजाय थाने की मेज पर रखी केस फाइल के अंदर रखवा लिए।
हालांकि, पीड़ित पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम की भनक लगे बिना स्टिंग कर लिया और बातचीत की रिकॉर्डिंग के साथ-साथ रकम फाइल में रखने का वीडियो भी बना लिया।
एसपी का कड़ा रुख, जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कथित वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी जींद ने त्वरित एक्शन लिया और आरोपी अधिकारी को लाइन हाजिर करने का फरमान जारी कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच की जा रही है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद यदि आरोपी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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