Narnaul : नारनौल पुलिस का बड़ा एक्शन, फर्जी नंबर प्लेट लगी स्विफ्ट डिजायर कार पकड़ी

गहली पुलिस चौकी ।
Narnaul : लोन की किश्तों और भारी-भरकम चालान से बचने के लिए एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां आरोपियों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर सड़कों पर गाड़ी दौड़ाई।
सदर नारनौल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया है और स्विफ्ट डिजायर कार को कब्जे में लेकर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
नाकाबंदी के दौरान हुआ खुलासा
सदर नारनौल थाना पुलिस टीम 10 सितंबर की रात गहली चौक पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि नारनौल से गोद बलाहा की तरफ एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार जा रही है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई है। सूचना यह भी थी कि कार को सुनील (निवासी सरेली, थाना निजामपुर) चला रहा है।
दस्तावेज मांगने पर नहीं कर सका पेश
सूचना के आधार पर सतर्क हुई पुलिस ने जब संदिग्ध सफेद कार को रोककर उसकी नंबर प्लेट की जांच की, तो उस पर HR47G-1307 लिखा हुआ पाया गया। पुलिस ने जब चालक से वाहन के कागजात मांगे, तो वह कोई भी दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा।
इंजन और चेसिस नंबर से खुला असली राज
पुलिस ने जब मशीन के जरिए नंबर की जांच की, तो सामने आया कि HR47G-1307 नंबर रेवाड़ी जिले के नांगल जमालपुर निवासी रणवीर सिंह का है। इसके बाद पुलिस ने कार के इंजन और चेसिस नंबर की गहराई से जांच की, जिससे उसकी वास्तविक रजिस्ट्रेशन संख्या HR66C-1634 सामने आई। यह गाड़ी सुनील के नाम पर ही रजिस्टर्ड थी।
लोन और चालान से बचने का हथकंडा
पूछताछ के दौरान आरोपी सुनील ने पुलिस को बताया कि उस पर कार का लोन बहुत ज्यादा हो गया था और वह लगातार किश्तें नहीं भर पा रहा था। उसे डर था कि फाइनेंस कंपनी उसकी गाड़ी को खींचकर ले जाएगी। इसके अलावा, कार की फिटनेस न होने के कारण चालान कटने से बचने के लिए उसने नंबर प्लेट बदलने का यह रास्ता अपनाया।
दोस्त ने तैयार करके दी थी फर्जी प्लेट
सुनील ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके दोस्त हरेंद्र (निवासी दनचौली, थाना निजामपुर) ने उसे यह फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर दी थी। हरेंद्र ने उसे भरोसा दिलाया था कि इस नंबर प्लेट से गाड़ी चलाने पर वह उसके लोन का सेटलमेंट करवा देगा।
पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी सुनील और हरेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 341(1) और 61(2) के तहत सदर नारनौल थाने में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच एएसआई प्रीतम सिंह को सौंप दी है।
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