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Kaithal News: कैथल में चार दिन बंद रहेगा पटवार भवन, ऑटो मुटेशन पोर्टल के विरोध में पटवारियों ने बढ़ाई हड़ताल

Kaithal News: कैथल में चार दिन बंद रहेगा पटवार भवन, ऑटो मुटेशन पोर्टल के विरोध में पटवारियों ने बढ़ाई हड़ताल

कैथल में चार दिन बंद रहेगा पटवार भवन, ऑटो मुटेशन पोर्टल के विरोध में पटवारियों ने बढ़ाई हड़ताल

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GGaganpreet Kaur

Kaithal News: कैथल जिले में राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे आम लोगों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ‘दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन’ हरियाणा के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को जिले के पटवारियों ने दो दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। शनिवार और रविवार की राजकीय छुट्टियों को जोड़ लें, तो अब लगातार अगले चार दिनों तक पटवार भवन पर ताले लटके रहेंगे। पटवारी दफ्तरों में कलम छोड़ धरने पर बैठ गए हैं, जिससे जनता के राजस्व संबंधी तमाम कार्य अटक गए हैं।

पटवार भवन के बाहर विरोध स्वरूप धरना दे रहे पटवारियों का कहना है कि सरकार ने जल्दबाजी में जो नया ऑटो मुटेशन सॉफ्टवेयर (पोर्टल) लागू किया है, वह जनता को राहत देने के बजाय पटवारियों के लिए गले की फांस बन चुका है। एसोसिएशन का आरोप है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण जमीनों के इंतकाल (नामांतरण) गलत दर्ज हो रहे हैं। न तो जमीन में हिस्सेदारी का सही ब्योरा आ रहा है और न ही वास्तविक मालकान के नाम सही तरीके से फीड हो पा रहे हैं।

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पोर्टल की कमियों का ठीकरा पटवारियों पर फोड़ना मंजूर नहीं

एसोसिएशन के जिला प्रधान सुरेंद्र खटकड़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं देने के दावे के साथ ऑटो मुटेशन सुविधा की शुरुआत की थी। लेकिन नया सॉफ्टवेयर आधी-अधूरी तैयारी के साथ रोल-आउट कर दिया गया। जब पोर्टल में तकनीकी खराबी के चलते गलत डेटा फीड होता है या इंतकाल अटकते हैं, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी पटवारियों पर डाल दी जाती है और उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का डर दिखाया जाता है।

पटवारियों ने मांग की है कि ऑनलाइन काम का दबाव बनाने से पहले सरकार उन्हें काम करने योग्य लैपटॉप और टैबलेट मुहैया कराए। इसके साथ ही, पोर्टल में आने वाली किसी भी प्रकार की सॉफ्टवेयर त्रुटि के लिए पटवारियों के बजाय सरकार की आईटी (IT) टीम की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

जनता परेशान, ई-गिरदावरी पर भी उठे सवाल

पटवारियों की इस बेमियादी हड़ताल और दफ्तरबंदी के कारण जमीनों की रजिस्ट्री के बाद होने वाले इंतकाल, ई-गिरदावरी वेरिफिकेशन, फसल खराबे की रिपोर्ट और विद्यार्थियों के लिए जरूरी जाति व निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरी तरह से ठप पड़ गया है। दूर-दराज के गांवों से आ रहे ग्रामीणों को पटवार भवन के बंद दरवाजे देखकर मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। पटवारी नेताओं ने साफ किया है कि जब तक प्रदेश स्तर पर उनकी मांगों को लेकर राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों से सहमति नहीं बन जाती, तब तक आंदोलन की दिशा एसोसिएशन के निर्देशों के मुताबिक आगे बढ़ाई जाएगी।

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