Chandigarh News: IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े 645 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चंडीगढ़ के सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोदिया को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, सेक्टर-35 स्थित ज्वेलर्स के बैंक खाते में करीब डेढ़ साल के दौरान 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम ट्रांसफर हुई थी। ED अब इस रकम के स्रोत, लेनदेन के तरीकों और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। ED के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की टीम ने कटोदिया को गिरफ्तार करने के बाद पंचकूला की विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर भेज दिया। एजेंसी इस अवधि में बैंक खातों के लेनदेन, रकम भेजने वाली कंपनियों और कथित घोटाले में अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी।
फर्जी कंपनियों के जरिए खाते में आए 332 करोड़ रुपये
ED के अनुसार, सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में 6 नवंबर 2024 से 22 फरवरी 2026 के बीच करीब 332 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। जांच में एजेंसी को संदेह है कि यह रकम अलग-अलग फर्जी कंपनियों और संस्थाओं के जरिए खाते तक पहुंचाई गई। अब इन कंपनियों की पहचान, उनके कारोबार की वास्तविक स्थिति और रकम भेजने के पीछे के उद्देश्य की जांच की जा रही है। जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी रकम किन स्रोतों से आई और इसे अलग-अलग खातों के माध्यम से किस तरह आगे बढ़ाया गया। ED लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम भेजने वाली कंपनियों का सावन ज्वेलर्स से क्या संबंध था।
ED का आरोप है कि सावन ज्वेलर्स का संचालन संभालने वाले राजन सिंह कटोदिया ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अन्य लोगों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार तथा चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों की रकम को ठिकाने लगाने की साजिश में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी के मुताबिक, कटोदिया ने कथित अपराध से हासिल रकम को ज्वेलर्स के माध्यम से खपाने और उसे वैध लेनदेन के रूप में दिखाने में मदद की। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध रकम को ज्वेलरी कारोबार में किस तरह इस्तेमाल किया गया और इस प्रक्रिया में किन लोगों या संस्थाओं ने भूमिका निभाई। ये आरोप ED की जांच का हिस्सा हैं। मामले में कटोदिया की भूमिका और कथित लेनदेन की प्रकृति का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होने वाले तथ्यों के आधार पर होगा।
रिभव ऋषि से कथित गठजोड़ के बाद बढ़ी ज्वेलरी की खरीद
ED के अनुसार, रिभव ऋषि के साथ कथित गठजोड़ के बाद सावन ज्वेलर्स में ज्वेलरी की खरीद में अचानक बढ़ोतरी हुई। जांच एजेंसी इस बढ़ोतरी और बैंक खाते में आई संदिग्ध रकम के बीच संभावित संबंध की पड़ताल कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ज्वेलरी की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम कहां से आई, खरीद-बिक्री के दस्तावेजों में क्या जानकारी दर्ज है और इन लेनदेन का कथित घोटाले से क्या संबंध है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि ज्वेलरी कारोबार के जरिए संदिग्ध रकम को आगे ट्रांसफर किया गया या उसे किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल किया गया।
पंचकूला की विशेष PMLA अदालत से चार दिन का रिमांड मिलने के बाद ED कटोदिया से बैंक खाते में आए 332 करोड़ रुपये के लेनदेन के बारे में पूछताछ करेगी। एजेंसी का फोकस रकम भेजने वाली कंपनियों, उनके संचालकों, बैंकिंग रिकॉर्ड और रिभव ऋषि सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका पर रहेगा। जांच के दौरान यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि संदिग्ध रकम किन खातों से आई, उसे ज्वेलर्स के खाते में भेजने का उद्देश्य क्या था और कथित घोटाले से जुड़े पैसों के इस्तेमाल में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल जांच जारी है और मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
Click Here👉बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी, गोली मारने की थी साजिश; दो गिरफ्तार; खेत और तालाब से जुटाए सबूत

