Kaithal Court News: कैथल की एक अदालत ने नाबालिग छात्रा की अस्मत से खिलवाड़ करने और उसे प्रताड़ित करने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सेशन जज (एडीजे) अनुपामिश मोदी की कोर्ट ने 10वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा के साथ छेड़खानी करने के दोषी रवि को 3 साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ किया कि यदि दोषी तय जुर्माना राशि जमा नहीं कराता है, तो उसे 3 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
घर में अकेली पाकर की थी दरिंदगी की कोशिश, इंकार करने पर दी आत्महत्या की धमकी
अदालत में प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, पीड़ित छात्रा के भाई ने 3 अप्रैल 2025 को थाना तितरम में इस संबंध में मामला दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष ने बताया कि उसी के गांव का रहने वाला रवि अक्सर उसकी बहन का पीछा करता था। 15 फरवरी 2025 को जब शिकायतकर्ता किसी काम से बाहर गया था और अन्य बहनें भी आईटीआई गई हुई थीं, तब रवि नाबालिग को घर में अकेला देखकर अंदर घुस आया। उसने छात्रा के साथ बदसलूकी करते हुए उस पर जबरन दोस्ती का दबाव बनाया। जब छात्रा ने विरोध किया, तो उसने खुदकुशी करके फंसाने की धमकी दी।
गांव की पंचायत में भी नहीं सुधरा आरोपी, तितरम थाने में दर्ज हुई थी FIR
पीड़ित परिवार ने शुरुआत में सामाजिक स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया था। गांव के मोअज्जिज लोगों को इकट्ठा करके आरोपी रवि को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया। इसके बाद विवश होकर परिजनों ने पुलिस की शरण ली। तितरम थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया।
11 गवाहों की गवाही और 38 पन्नों के फैसले में मिली सजा
अदालत में मुकदमे की पैरवी जन अभियोजक (PP) विकास शर्मा ने की, जिसमें एडवोकेट अनिल सिरोही ने उनका सहयोग किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपी का अपराध साबित करने के लिए अदालत के सामने कुल 11 महत्वपूर्ण गवाह प्रस्तुत किए। एडीजे अनुपामिश मोदी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, गवाहों के बयान और साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद अपने 38 पेज के विस्तृत फैसले में रवि को दोषी ठहराते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया।
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