Kaithal News: कैथल जिले के रसीना गांव का 40 वर्षीय संजीव जिस उम्मीद और सपनों के साथ नौ साल पहले सात समंदर पार गया था, वे सपने एक पल में बिखर गए। कैलिफोर्निया में रह रहे संजीव की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। 28 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने पर उसके साथी उसे अस्पताल ले गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को जब यह दुखद समाचार उसके गांव पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
45 लाख का कर्ज और बेची जमीन: ‘डंकी’ के रास्ते तय किया था अमेरिका तक का सफर
संजीव के चचेरे भाई राजेश ने रुंधे गले से बताया कि परिवार की आर्थिक तंगी को दूर करने और बेहतर भविष्य की चाह में संजीव वर्ष 2015-16 के आसपास अवैध ‘डंकी’ मार्ग से जान जोखिम में डालकर अमेरिका पहुंचा था। उसे विदेश भेजने के लिए परिवार ने न सिर्फ अपनी खेती की जमीन बेच दी, बल्कि जान-पहचान वालों से भारी-भरकम रकम उधार भी ली थी। लगभग 45 लाख रुपये खर्च होने के बाद संजीव कैलिफोर्निया में ट्रकों पर ड्राइविंग का काम करने लगा था और हाल ही में उसे वहां की नागरिकता भी मिल गई थी।
पीछे छोड़ गया मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे; सिर से उठा पिता का साया
संजीव के पिता का काफी समय पहले ही देहांत हो चुका था। वह अपने पीछे वृद्ध मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गया है। घर की रीढ़ माना जाने वाला संजीव ही विदेश से पैसे भेजकर परिवार का गुजर-बसर और पुराने कर्ज की भरपाई कर रहा था। उसकी अचानक मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के बुजुर्ग व सामाजिक लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
केंद्र व राज्य सरकार से लगाई पार्थिव शरीर भारत लाने की गुहार
इकलौते कमाने वाले सदस्य को खोने के बाद अब पीड़ित परिवार गहरे प्रशासनिक और वित्तीय संकट में फंस गया है। मृतक के परिजनों तथा रसीना गांव के मौजिज लोगों ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार से नम आंखों से अपील की है कि संजीव का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव लाने में अविलंब मदद की जाए, ताकि परिवार की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार संपन्न हो सके।
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