Karnal crime news: हरियाणा के करनाल शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक बेहद दर्दनाक वारदात सामने आई है। सेक्टर-14 की मुख्य बाजार में स्थित एक कार सेल-परचेज ऑफिस के ऊपर बने कमरे में कुछ युवक आपस में बैठे थे, तभी अचानक हथियारों से लैस बदमाशों के एक गुट ने उन पर कातिलाना हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में 19 वर्षीय आर्यन की छाती और सिर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पीड़ित परिवार न्याय की गुहर लगाते हुए आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़ा हुआ है।
घटना के संबंध में घायल हुए 19 वर्षीय साहिब (निवासी मॉडल टाउन, करनाल) ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि सोमवार दोपहर करीब 3 बजे वह अपने दोस्तों—आर्यन, करण वर्मा और चिराग के साथ सेक्टर-14 मार्केट में एक कमरे में मौजूद था। चारों युवक वहां बैठकर हुक्का पी रहे थे। तभी अचानक दक्ष जाट, उत्कर्ष जाट, हरदीप, भव्य जाट, काकुन तनेजा और प्रिंस गुज्जर अपने साथ 8-10 अन्य अज्ञात युवकों के साथ वहां पहुंच गए। हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और तेजधार चाकू थे।
कमरे में घुसकर बोला धावा, बीच-बचाव करने आए दोस्तों को भी पीटा
साहिब के मुताबिक, आरोपियों ने कमरे में दाखिल होते ही बिना किसी बातचीत के सीधे आर्यन पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने आर्यन की छाती और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर चाकुओं से कई वार किए, जबकि सिर पर भी गंभीर चोटें पहुंचाईं। जब साहिब और उसके अन्य साथियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में आर्यन को उसके दोस्त शहर के एक निजी अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पहले एक अन्य अस्पताल और फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन पीजीआई ले जाते वक्त रास्ते में ही आर्यन ने दम तोड़ दिया। मेडिकल रिपोर्ट में भी आर्यन के शरीर पर धारदार हथियार से आई गहरी चोटों की पुष्टि हुई है।
पुरानी रंजिश और उजड़ा हुआ परिवार
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा हमला करीब एक महीने पहले हुए आपसी विवाद और पुरानी रंजिश का नतीजा है। वारदात के बाद से मुख्य आरोपी और उनके साथी फरार हैं।
इस घटना ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी है। परिजनों ने बताया कि जब आर्यन महज 6 महीने का था, तब उसकी मां का निधन हो गया था। उसकी दादी ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था। आर्यन अपने पिता के साथ दिल्ली में रहकर गाड़ी चलाने का काम करता था और कुछ दिन पहले ही अपना लाइसेंस बनवाने करनाल आया था। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। गुस्साए परिजनों ने साफ कह दिया है कि जब तक मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वे शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे।
सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने साहिब के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दक्ष जाट, उत्कर्ष जाट, हरदीप, भव्य जाट, काकुन तनेजा और प्रिंस गुज्जर समेत 8-10 अन्य के खिलाफ हत्या और मारपीट की विभिन्न धाराओं (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और दबिश दी जा रही है।
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