कुरुक्षेत्र। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गृह जिले कुरुक्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धर्मनगरी को ट्रैफिक के बड़े संकट से उबारने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 28 किलोमीटर लंबे बाईपास प्रोजेक्ट को अपनी प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने दिल्ली और चंडीगढ़ के इस साझा तालमेल को कुरुक्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
जानिए कहां से शुरू होकर कहां खत्म होगा यह नया बाईपास
इस बाईपास का रूट चार्ट इस तरह तैयार किया गया है कि यह शहर की लगभग हर मुख्य बाहरी सड़क को आपस में जोड़ देगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित बाईपास ऐतिहासिक स्थल ज्योतिसर के नजदीक स्थित इंदबरी गांव से शुरू होगा।
इसके बाद यह स्टेट हाईवे-6 (SH-6), एमडीआर-119, किरमच रोड, अमीन रोड और नेशनल हाईवे-44 (NH-44) को आपस में क्रॉस करता हुआ मथाना (SH-6) के पास जाकर समाप्त होगा। इस पूरे लूप के बनने से कुरुक्षेत्र के भीतर कदम-कदम पर लगने वाले जाम की समस्या का परमानेंट इलाज हो जाएगा।
पिपली क्षेत्र पर घटेगा गाड़ियों का बोझ, बाहरी राज्यों के यात्रियों की बचेगी भारी समय
इस परियोजना के धरातल पर उतरने का सबसे बड़ा फायदा कुरुक्षेत्र के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले पिपली क्षेत्र को मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली, यमुनानगर या हरिद्वार से आने वाली भारी गाड़ियां और पंजाब व कैथल की तरफ जाने वाला ट्रैफिक पिपली के रास्ते ही शहर के भीतर प्रवेश करता है, जिससे यहां चौबीसों घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है।
इस बाईपास के चालू होने के बाद अंतरराज्यीय सफर करने वाले यात्रियों को शहर के भीड़भाड़ वाले चौराहों से नहीं गुजरना पड़ेगा। वे बिना कुरुक्षेत्र में फंसे सीधे अपनी मंजिल की ओर निकल सकेंगे, जिससे ईंधन और समय दोनों की बड़ी बचत होगी।

