Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में 110 साल पुरानी रेलवे लाइन बनेगी इतिहास, 75 एकड़ खाली जमीन पर बनेंगे पार्क और ओपन जिम

कुरुक्षेत्र में 110 साल पुरानी रेलवे लाइन बनेगी इतिहास: 75 एकड़ खाली जमीन पर बनेंगे पार्क और ओपन जिम
Kurukshetra News: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के बदलते स्वरूप के बीच एक सदी से भी पुराना इतिहास अब विदा लेने की तैयारी में है। शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली करीब 110 साल पुरानी कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन अब पूरी तरह हटा ली जाएगी। 5.84 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के चालू हो जाने के बाद पुराने बस स्टैंड से लेकर ज्योतिसर तक फैली रेलवे पटरियों को उखाड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस फैसले से शहर के दिल कहे जाने वाले इलाके में करीब 75 एकड़ बेशकीमती जमीन खाली होगी, जिसे कुरुक्षेत्र के आधुनिक सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा।
1916 में बिछी पटरी अब नगर परिषद को होगी ट्रांसफर
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन का निर्माण ब्रिटिश काल में वर्ष 1916 के आसपास हुआ था। उस दौर में यह ट्रैक शहर की बाहरी सीमा से होकर गुजरता था, लेकिन बीतते वक्त और कुरुक्षेत्र के विस्तार के साथ यह घनी आबादी के बीचों-बीच आ गया।
सरकार की योजना के अनुसार, रेलवे से खाली होने वाली इस जमीन को हरियाणा नगर परिषद को ट्रांसफर या लंबी लीज पर दिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने नगर परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) और संबंधित अधिकारियों को जमीन की प्लानिंग और लैंड ट्रांसफर की कागजी प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
447 करोड़ का एलिवेटेड ट्रैक और प्रदेश का पहला 600 मीटर ऊंचा प्लेटफॉर्म
शहर को जाम और फाटकों के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए करीब 447 करोड़ रुपये की लागत से 5.84 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को इसका औपचारिक उद्घाटन किए जाने के बाद से ट्रेनें अब जमीन के बजाय हवा में ऊपर बने ऊंचे ट्रैक से गुजर रही हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत बना 600 मीटर लंबा एलिवेटेड रेलवे प्लेटफॉर्म हरियाणा प्रदेश का अपनी तरह का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है। इसके चालू होने से वर्षों पुराने रेलवे फाटक खत्म हो चुके हैं, जिससे शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी निजात मिली है।
सड़क का लेवल बराबर होते ही भारी वाहनों का चक्कर होगा खत्म
फिलहाल पुराने ट्रैक हटने के बाद झांसा रोड, अंबेडकर चौक और शास्त्री मार्केट के पास बने पुराने फाटकों पर सड़क का स्तर असमान है। इस वजह से वहां से बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई है। रेलवे अब इन स्थानों पर खुदाई कर सड़क के लेवल को नए सिरे से समतल करेगा। सड़क समतल होते ही भारी वाहनों की सीधी आवाजाही बहाल हो जाएगी, जिससे वाहन चालकों को शहर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और ईंधन के साथ-साथ समय की भी बड़ी बचत होगी।
