Kurukshetra Road Accident: कुरुक्षेत्र के लाड़वा में निवारसी मोड़ के पास एक बड़ा सड़क हादसा होने से टल गया। पीपली की तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और बिजली के खंभे को उखाड़ते हुए सड़क के बीचों-बीच पलट गया। हादसे के वक्त जोरदार धमाका हुआ, जिसे सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। राहत की बात यह रही कि इतनी भीषण भिड़ंत के बावजूद ट्रक के चालक को सिर्फ मामूली चोटें आईं और उसकी जान बाल-बाल बच गई। ट्रक समाना से सहारनपुर की तरफ जा रहा था और उसमें बिजली की पाइपें और एल्बो जैसा हल्का सामान लदा हुआ था।
अंधेरे का ‘ब्लैक स्पॉट’: लाखों की झूमर लाइटें हुईं जमींदोज
हादसे का शिकार हुए ट्रक के चालक ने बताया कि जब वह निवारसी मोड़ के पास पहुंचा, तो सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद थीं। चारों तरफ घाना अंधेरा होने और डिवाइडर पर कोई रिफ्लेक्टर (चमकने वाली पट्टी) न होने के कारण उसे यह भनक ही नहीं लगी कि सिंगल लेन सड़क कब डबल लेन में बदल गई। इसी गफलत में गाड़ी सीधे डिवाइडर से जा टकराई। इस टक्कर की वजह से सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाई गई फैंसी झूमर लाइट का पोल टूटकर गिर गया। यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी ‘बन मोड़’ पर रिफ्लेक्टर न होने से करीब सवा लाख रुपये की सरकारी लाइटें टूट चुकी हैं।
सिंगल से डबल लेन बनते ही आफत, स्थानीय लोगों में भारी रोष
लाड़वा की सड़कों पर यह प्रशासनिक खामी अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। पीपली से लाड़वा आने वाला मुख्य मार्ग वैसे तो सिंगल लाइन है, लेकिन जैसे ही गाड़ियां लाड़वा शहर की सीमा में प्रवेश करती हैं, निवारसी मोड़ के पास अचानक सड़क को दो हिस्सों (डबल लाइन) में बांट दिया जाता है। इस अचानक आने वाले बदलाव और रिफ्लेक्टर की अनुपस्थिति के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। हालांकि, पिछले दिनों हुए हादसे के बाद बन मोड़ पर तो रिफ्लेक्टर लगा दिए गए थे, लेकिन निवारसी मोड़ को रामभरोसे छोड़ दिया गया, जिसका खामियाजा इस ट्रक ड्राइवर को भुगतना पड़ा।
चारों एंट्री रूटों पर रिफ्लेक्टर लगाने की उठी मांग
इस ताजा हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों में पीडब्ल्यूडी (PWD) और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि लाड़वा शहर में प्रवेश करने वाले चारों मुख्य मार्गों पर नियमित दूरी पर रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए ताकि रात के समय बाहरी राज्यों और शहरों से आने वाले वाहन चालकों को रास्ता साफ नजर आ सके। अगर प्रशासन ने जल्द ही इन ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को दुरुस्त नहीं किया, तो भविष्य में किसी बड़े जानी नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता।
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