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Ludhiana News: लुधियाना में LADC के विरोध में वकीलों का बड़ा प्रदर्शन, DC कार्यालय के बाहर धरना

Ludhiana News: लुधियाना में LADC के विरोध में वकीलों का बड़ा प्रदर्शन, DC कार्यालय के बाहर धरना

LADC के विरोध में वकीलों का बड़ा प्रदर्शन

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VVinita Kohli

Ludhiana News: पंजाब के लुधियाना में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के विरोध में जिला कचहरी के वकीलों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। लंबे समय से चल रही हड़ताल और भूख हड़ताल के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने जिला कचहरी से रोष मार्च निकाला। मार्च के दौरान वकील डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार और LADC प्रणाली के विरोध में नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे वकीलों ने कहा कि उनकी मांगों पर जब तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन और सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग भी उठाई गई।

 

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LADC नीति को लेकर क्या है वकीलों की आपत्ति

प्रदर्शनकारी वकीलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 1987 से लागू लीगल एड व्यवस्था के तहत 100 से 125 वकील पैनल में शामिल होकर जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराते थे। उनका आरोप है कि नई LADC प्रणाली लागू होने के बाद यह संख्या घटाकर केवल 8 से 10 वकीलों तक सीमित कर दी गई है। वकीलों का कहना है कि इससे न केवल बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के काम पर असर पड़ा है, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक कानूनी सहायता पहुंचाने की मौजूदा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

वकीलों ने निष्पक्ष सुनवाई पर भी उठाए सवाल

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि LADC प्रणाली के तहत नियुक्त वकीलों पर प्रशासनिक और न्यायिक ढांचे का प्रभाव बढ़ जाता है। उनका कहना है कि इससे मुकदमों की पैरवी और जिरह की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वकीलों ने यह भी दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई मामलों में आरोपितों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और सजा की दर बढ़ रही है। यह प्रदर्शनकारी वकीलों का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है।

 

युवा वकीलों के भविष्य को लेकर भी जताई चिंता

आंदोलन कर रहे वकीलों ने कहा कि नई व्यवस्था का सबसे अधिक असर जिला अदालतों में प्रैक्टिस शुरू करने वाले युवा अधिवक्ताओं पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, पहले बड़ी संख्या में वकीलों को लीगल एड मामलों में काम करने और अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता था, लेकिन नई प्रणाली में सीमित नियुक्तियों के कारण ऐसे अवसर कम हो गए हैं। वकीलों का कहना है कि इससे आने वाले समय में युवा अधिवक्ताओं के पेशेवर विकास और अदालतों में व्यावहारिक अनुभव पर असर पड़ सकता है।

 

लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चल रही है और कुछ मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा भी हुई है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कर दिया कि केवल मौखिक भरोसे के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। वकीलों का कहना है कि जब तक सरकार या संबंधित विभाग उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन जारी नहीं करता, तब तक हड़ताल, धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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