Breaking News
School Children Refreshment Issue: पंचकूला में CM के कार्यक्रम में बिगड़ी व्यवस्था, भूखे पेट बैठे रहे स्कूली बच्चे, बीच में छोड़ना पड़ा नाटकRashifal Update: 31 अक्टूबर राशिफल शनि देव की कृपा से संवरेंगे इन राशि वालों के करियर और कारोबार के रास्तेEngineer Becomes Sadhu Gangotri: लाखों का पैकेज छोड़ पहाड़ों में रह रहे पूर्व इंजीनियर, पूर्व बॉस ने पूछा- क्या पागल हो गए हो?Neeraj Yadav Suicide Case: एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव सुसाइड केस में नया मोड़, शादी की सच्चाई पता चलने पर महिला मित्र ने तोड़ा था रिश्ताNangal Chaudhary News: फोरेस्ट विभाग ने दौंखेरा माईंस का औचक निरीक्षण कर पौधों के नुकसान का लिया जायजा, संचालक पर लगाया जुर्मानाSchool Children Refreshment Issue: पंचकूला में CM के कार्यक्रम में बिगड़ी व्यवस्था, भूखे पेट बैठे रहे स्कूली बच्चे, बीच में छोड़ना पड़ा नाटकRashifal Update: 31 अक्टूबर राशिफल शनि देव की कृपा से संवरेंगे इन राशि वालों के करियर और कारोबार के रास्तेEngineer Becomes Sadhu Gangotri: लाखों का पैकेज छोड़ पहाड़ों में रह रहे पूर्व इंजीनियर, पूर्व बॉस ने पूछा- क्या पागल हो गए हो?Neeraj Yadav Suicide Case: एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव सुसाइड केस में नया मोड़, शादी की सच्चाई पता चलने पर महिला मित्र ने तोड़ा था रिश्ताNangal Chaudhary News: फोरेस्ट विभाग ने दौंखेरा माईंस का औचक निरीक्षण कर पौधों के नुकसान का लिया जायजा, संचालक पर लगाया जुर्माना

LUVAS Hisar: हिसार के LUVAS की नई खोज: आ गई स्वाद और सेहत से भरपूर एलोवेरा बर्फी, जानें क्या है इसकी खासियत

LUVAS Hisar: हिसार के LUVAS की नई खोज: आ गई स्वाद और सेहत से भरपूर एलोवेरा बर्फी, जानें क्या है इसकी खासियत

आ गई स्वाद और सेहत से भरपूर एलोवेरा बर्फी, जानें क्या है इसकी खासियत

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
GGaganpreet Kaur

LUVAS Hisar: त्योहारों का सीजन हो या आम दिन, भारतीय घरों में पारंपरिक मिठाइयों का अपना एक खास मुकाम रहा है। लेकिन आज के दौर में जब लोग फिटनेस और सेहत को लेकर लगातार फिक्रमंद रहते हैं, तब मिठाइयों से दूरी बनाना उनकी मजबूरी बन जाता है। उपभोक्ताओं की इसी नब्ज को पहचानते हुए हिसार के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS) के कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने एक क्रांतिकारी कदम बढ़ाया है। यहां की सहायक प्राध्यापिका डॉ. वंदना चौधरी ने अपने अनूठे शोध के जरिए औषधीय गुणों से भरपूर ‘एलोवेरा बर्फी’ तैयार कर डेयरी और न्यूट्रिशन सेक्टर में हलचल पैदा कर दी है।

पांच महीने की कड़ी रिसर्च और 15 फीसदी का वो जादुई फॉर्मूला

विज्ञापन

अक्सर माना जाता है कि सेहतमंद चीजें स्वाद में थोड़ी कमतर होती हैं, लेकिन डॉ. वंदना चौधरी की इस खोज ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। ‘ईटीवी भारत’ से एक विशेष बातचीत में डॉ. वंदना ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने में उन्हें लगभग चार से पांच महीने की कड़ी मेहनत और गहन वैज्ञानिक अध्ययन से गुजरना पड़ा। उन्होंने प्रयोगशाला में साधारण खोया बर्फी के साथ एलोवेरा जूस के अलग-अलग अनुपातों (5%, 10%, 15% और 20%) को मिलाकर बारीकी से टेस्ट किया।

इस टेस्ट में नमी, पीएच (pH), टेक्सचर, रंग और सबसे बढ़कर स्वाद के पैमाने पर 15 प्रतिशत एलोवेरा जूस का मिश्रण सबसे सटीक और अव्वल पाया गया। जब इसकी मात्रा को 20 फीसदी किया गया, तो बर्फी के पारंपरिक स्वाद में थोड़ा अंतर आने लगा। यही वजह रही कि 15 प्रतिशत के इस जादुई फॉर्मूले को फाइनल किया गया, जो सामान्य खोया बर्फी जैसा ही जायका देता है लेकिन इसके भीतर सेहत का खजाना छुपा है।

‘एलोइन’ की विदाई: वैज्ञानिक सूझबूझ से दूर किया कड़वापन

एलोवेरा का इस्तेमाल खाने-पीने की चीजों में करना इतना आसान भी नहीं था, क्योंकि इसके भीतर प्राकृतिक रूप से कड़वापन और कुछ हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं। डॉ. वंदना ने इस चुनौती का जिक्र करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी के औषधीय पादप उद्यान से ताजे एलोवेरा की पत्तियां ली गईं। इन्हें काटने के बाद करीब आधे घंटे तक अलग सुरक्षित रखा गया, जिससे इसमें मौजूद ‘एलोइन’ नाम का एक पीला और चिपचिपा पदार्थ बाहर निकल गया। विज्ञान की दृष्टि से यह पीला पदार्थ इंसानी स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं माना जाता। इसे पूरी तरह से अलग करने के बाद ही साफ और सुरक्षित तरीके से जूस तैयार किया गया और उसे खोए के साथ ब्लेंड किया गया।

स्टार्टअप की दुनिया में मचेगी धूम, यूनिवर्सिटी से संपर्क कर रहे उद्यमी

इस सफल प्रोजेक्ट के पीछे यूनिवर्सिटी के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर शर्मा और कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा का अहम योगदान रहा, जिन्होंने हर कदम पर इस शोध को बढ़ावा दिया। कुलपति डॉ. वर्मा ने बताया कि आज का बाजार तेजी से बदल रहा है; उपभोक्ता अब केवल मीठे के शौकीन नहीं हैं, बल्कि वे यह भी देखते हैं कि वे जो खा रहे हैं, वह उनके शरीर को क्या दे रहा है। ऐसे में ‘वैल्यू एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स’ की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। यह नई तकनीक न केवल आम लोगों को एक बेहतर विकल्प देगी, बल्कि देश के डेयरी उद्यमियों, किसानों और नए स्टार्टअप के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया बनेगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, इस तकनीक को बाजार में उतारने के लिए कई बड़े उद्योगपतियों और डेयरी व्यवसायियों ने कॉलेज से संपर्क साधना शुरू कर दिया है, और जल्द ही तय नियमों के तहत इस फॉर्मूले का कमर्शियल ट्रांसफर भी किया जाएगा। खोए के दुग्ध प्रोटीन और कैल्शियम के साथ जब एलोवेरा के विटामिन ए, सी, ई और एंटीऑक्सीडेंट्स का मेल बाजार में पहुंचेगा, तो यह पारंपरिक हलवाई संस्कृति को आधुनिक पोषण विज्ञान से जोड़ने का एक मील का पत्थर साबित होगा।

यह भी पढ़ें–त्रयोदशी तिथि पर शिव जी के साथ क्यों होती है कामदेव की पूजा? जानिए इसके पीछे का छिपा धार्मिक रहस्य

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

हिसार की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।