Mahendragarh Illegal Mining: महेंद्रगढ़ जिले में अवैध खनन और इसके अवैध परिवहन पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री के कड़े रुख को देखते हुए जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त (डीसी) अनुपमा अंजलि ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में किसी भी कीमत पर अवैध खनन की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाकर क्षेत्र में लगातार पैनी नजर रखने की हिदायत दी।
जेसीबी से खोदीं खाइयां, बंद किए अवैध रास्ते
बैठक के दौरान खनन विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई का ब्योरा पेश करते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से लेकर 25 जुलाई तक ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। इस दौरान अवैध खनन और परिवहन में लिप्त कुल 238 वाहनों को जब्त किया गया है, जबकि 60 मामलों में पुलिस थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है।
अवैध परिवहन को रोकने के लिए आंतरी-बिहारीपुर, जैनपुर, बायल, पांचनोता, गढ़ी, बसीरपुर और घाटासेर जैसे गांवों में विशेष अभियान चलाया गया। यहां खनन माफिया द्वारा बनाए गए अवैध रास्तों को जेसीबी की मदद से गहरी खाइयां खोदकर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। हाल ही में पांचनोता गांव में अवैध खनन में लगी एक जेसीबी मशीन को भी मौके से जब्त किया गया, वहीं बापड़ोली गांव में नदी क्षेत्र से साधारण रेत का अवैध उत्खनन पकड़े जाने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
दिन-रात चल रहा संयुक्त चेकिंग अभियान
उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने बताया कि अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए खनन विभाग के साथ-साथ पुलिस, आरटीए, वन विभाग, बिक्री कर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें 24 घंटे दिन और रात के समय संवेदनशील इलाकों में लगातार चेकिंग अभियान चला रही हैं।
बैठक में एसडीएम नारनौल अनिरुद्ध यादव, एसडीएम महेंद्रगढ़ योगेश सैनी, एसडीएम कनीना डॉ. जितेंद्र सिंह, एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह, आरटीए सचिव मनोज कुमार और डीएसपी कनीना डॉ. कविता सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

