Breaking News
School Children Refreshment Issue: पंचकूला में CM के कार्यक्रम में बिगड़ी व्यवस्था, भूखे पेट बैठे रहे स्कूली बच्चे, बीच में छोड़ना पड़ा नाटकRashifal Update: 31 अक्टूबर राशिफल शनि देव की कृपा से संवरेंगे इन राशि वालों के करियर और कारोबार के रास्तेEngineer Becomes Sadhu Gangotri: लाखों का पैकेज छोड़ पहाड़ों में रह रहे पूर्व इंजीनियर, पूर्व बॉस ने पूछा- क्या पागल हो गए हो?Neeraj Yadav Suicide Case: एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव सुसाइड केस में नया मोड़, शादी की सच्चाई पता चलने पर महिला मित्र ने तोड़ा था रिश्ताNangal Chaudhary News: फोरेस्ट विभाग ने दौंखेरा माईंस का औचक निरीक्षण कर पौधों के नुकसान का लिया जायजा, संचालक पर लगाया जुर्मानाSchool Children Refreshment Issue: पंचकूला में CM के कार्यक्रम में बिगड़ी व्यवस्था, भूखे पेट बैठे रहे स्कूली बच्चे, बीच में छोड़ना पड़ा नाटकRashifal Update: 31 अक्टूबर राशिफल शनि देव की कृपा से संवरेंगे इन राशि वालों के करियर और कारोबार के रास्तेEngineer Becomes Sadhu Gangotri: लाखों का पैकेज छोड़ पहाड़ों में रह रहे पूर्व इंजीनियर, पूर्व बॉस ने पूछा- क्या पागल हो गए हो?Neeraj Yadav Suicide Case: एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव सुसाइड केस में नया मोड़, शादी की सच्चाई पता चलने पर महिला मित्र ने तोड़ा था रिश्ताNangal Chaudhary News: फोरेस्ट विभाग ने दौंखेरा माईंस का औचक निरीक्षण कर पौधों के नुकसान का लिया जायजा, संचालक पर लगाया जुर्माना

Mahendragarh News: PU में पीएचडी छात्रा ज्योति की करंट से मौत, 2 अफसर सस्पेंड, 16 लाख मुआवजा और भाई को नौकरी का ऐलान

Mahendragarh News: PU में पीएचडी छात्रा ज्योति की करंट से मौत, 2 अफसर सस्पेंड, 16 लाख मुआवजा और भाई को नौकरी का ऐलान

PU में पीएचडी छात्रा ज्योति की करंट से मौत, 2 अफसर सस्पेंड

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
GGaganpreet Kaurकंटेंट क्रेडिट: सोनल यादव, नारनौल

Mahendragarh News: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) परिसर में महेंद्रगढ़ जिले के गांव ककराला की 28 वर्षीय पीएचडी शोध छात्रा ज्योति की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत ने देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के सुरक्षा तंत्र की कलई खोलकर रख दी है। हादसे के बाद उग्र हुए छात्र आंदोलन और चौतरफा घिरने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में वाटर वर्क्स विभाग के दो अधिकारियों—लखविंदर सिंह धनोआ और कार्यकारी अभियंता (XEN) अनिल ठाकुर को निलंबित कर दिया है।

लेकिन इस कार्रवाई के बावजूद कैंपस में यह सवाल तेजी से कौंध रहा है कि क्या सिर्फ दो अफसरों को नाप देने से एक होनहार छात्रा की बलि चढ़ने का हिसाब पूरा हो गया? यदि समय रहते सुरक्षा ऑडिट और जलभराव की निकासी पर ध्यान दिया गया होता, तो शायद ज्योति आज हमारे बीच जिंदा होती।

विज्ञापन

जलभराव और खुले तारों ने ली जान, छात्रों ने पहले भी चेताया था

घटना वाले दिन विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण जलभराव हो गया था। ज्योति पानी से भरे रास्ते के बगल से निकल रहे कच्चे मार्ग से गुजर रही थी, तभी अचानक जमीन में फैले बिजली के करंट की चपेट में आ गई। छात्रों का सीधा आरोप है कि परिसर में शॉर्ट सर्किट की वजह से बिजली का करंट बारिश के पानी में उतर आया था।

गुस्साए छात्रों का कहना है कि कैंपस में जर्जर बिजली के तारों, खुले पैनलों और जलभराव की शिकायतों को लेकर पहले भी कई बार पत्राचार किया गया था, लेकिन अधिकारियों ने अकर्मण्यता दिखाई। इस भारी लापरवाही के खिलाफ भड़के छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

भाई को नौकरी और 16 लाख की मदद, लेकिन परिजनों का सवाल- ‘लापरवाहों पर जेल कब?’

छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पीयू प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और मृतका के भाई को नियमानुसार इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्ति देने की घोषणा की है।

हालांकि, महेंद्रगढ़ से पहुंचे परिजनों की आंखें अब भी इंसाफ तलाश रही हैं। परिजनों का साफ कहना है कि किसी भी कीमत या मुआवजे से उनकी बेटी वापस नहीं आ सकती। उन्हें केवल कागजी निलंबन और मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि उन जिम्मेदार चेहरों पर सख्त आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई चाहिए, जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ।

अगले ही महीने बजनी थी शहनाई, अंतिम दौर में था पीएचडी का रिसर्च

ज्योति अपने परिवार की सबसे होनहार बेटियों में से एक थी। पंजाब यूनिवर्सिटी में उसका पीएचडी शोध कार्य लगभग पूरा हो चुका था और वह अपनी थीसिस जमा करने वाली थी। घर में खुशियों का माहौल था क्योंकि अगले ही महीने उसकी शादी तय थी। शादी की तैयारियां चल ही रही थीं कि अचानक आई इस मनहूस खबर ने पूरे ककराला गांव को गहरे सदमे में धकेल दिया।

जांच से तय होगी अंतिम जिम्मेदारी

फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच के लिए कमेटी बना दी है। जानकारों का मानना है कि केवल दो अधिकारियों का निलंबन तो एक शुरुआती प्रशासनिक कदम है, लेकिन असली परीक्षा जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। क्या यह मामला सिर्फ मुआवजे और निलंबन की भेंट चढ़कर ठंडे बस्ते में चला जाएगा, या फिर सिस्टम में बैठे जिम्मेदार लोगों की आपराधिक जवाबदेही तय होगी—पूरे प्रदेश की नजरें अब इसी पर टिकी हैं।

यह भी पढ़ें– नारनौल NH-152D पर भीषण हादसा, ट्रक में घुसी बेकाबू कार, तीन लोगों की मौके पर मौत

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

महेंद्रगढ़ की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।