Narnaul: मुख्यमंत्री आए महाराजा सूर सैनी की मूर्ति का अनावरण करने, बिना किए चले गए
Narnaul:
धर्म नारायण शर्मा।
जगमार्ग न्यूज। नारनौल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नारनौल में सैनी सभा के तत्वाधान में आयोजित होने वाले महाराजा सूर सैनी की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के लिए आए। उनका काफिला इसके लिए नव निर्मित मूर्ति के सामने से गुजरा, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसका अनावरण नहीं किया। इससे दूरी बनाते हुए वह इससे सटे सैनी स्कूल में सैनी सभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। समाज के उपस्थित लोगों को संबोधित किया और वहां से महेंद्रगढ़ रवाना हो गए ।
बता दें कि नारनौल में सैनी सभा के तत्वाधान में मुख्यमंत्री को 17 सितंबर को आना था। उसके लिए वह अंबाला से हवाई मार्ग से होते हुए वे नारनौल पहुंचे। सीएम यहां सैनी सभा के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इसी सभा भवन के बाहर छलक नाले के कोने पर महाराजा सूर सैनी की नई मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा आज अनावरण किया जाना था। लेकिन उनके आने से कुछ समय पहले ही इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया और जब तक मुख्यमंत्री यहां पहुंचे उससे पहले ही मूर्ति के चारों तरफ की गई सजावट को प्रशासन द्वारा हटवा दिया गया।
गौरतलब है कि प्रशासन सीएम के इस प्रोग्राम के लिए एक सप्ताह से जुटा हुआ था। बस स्टैंड के नजदीक डीआरडीए भवन से लेकर सैनी सभा के मूर्ति स्थल तक बकायदा एक सप्ताह के दौरान सीमेंटेड टाइल्स का रोड आनन फानन में तैयार भी किया गया। सुबह तक किसी को इस बात की भनक नहीं थी कि आज मूर्ति का अनावरण नहीं होगा। पूरा प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की अगवानी के लिए जुटा हुआ था। तभी करीब 11 बजे मुख्यमंत्री के अंबाला से उड़ान भरने से पहले अचानक प्रशासन सक्रिय हुआ और नवनिर्मित मूर्ति के आसपास की गई सजावट को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई। इसके बाद जब मुख्यमंत्री नारनौल आए तो उन्होंने इस मूर्ति अनावरण कार्यक्रम से दूरी बना ली। पता चला कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस मूर्ति के लिए एनओसी ने लिए जाने की आपत्ति दर्ज कराई थी तो प्रशासन ने अनावरण कार्यक्रम को रुकवा दिया।
सूत्र बताते हैं कि इस मूर्ति के अनावरण से पहले ही सैनी सभा में दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था। पहले इसी स्थान पर स्वर्गीय डॉक्टर नित्यानंद सैनी द्वारा महाराजा सूर सैनी की मूर्ति बनवाकर लगवाई गई थी। तब राव नरेंद्र सिंह ने इसका उद्घाटन किया था। पिछले साल शहर के प्रसिद्ध सूरज स्वीट्स की ओर से नई मूर्ति के लिए सैनी सभा को आर्थिक मदद दी गई। उससे यह मूर्ति बनी तो डॉक्टर नित्यानंद के पुत्र भारत सैनी ने वहां अपने पिता द्वारा लगाए गए पत्थर को न हटाने की मांग की थी। तब 16 नवंबर 2025 में जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नारनौल में सभा करने आए थे, तब भी विवाद उठने पर मूर्ति अनावरण का मामला खटाई में पड़ गया था।

किंतु इस बार सैनी सभा की नवगठित कार्यकारिणी ने इसी मूर्ति के अनावरण के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा और उन्हें समय मिल भी गया। किंतु आज महाराजा सूर्य सैनी की मूर्ति का अनावरण होने का कार्यक्रम एक बार फिर टाल दिया गया।
इस संबंध में डॉक्टर नित्यानंद के पुत्र भारत सैनी का कहना है कि अचानक मूर्ति अनावरण का कार्यक्रम क्यों टाला गया, इसकी पूरी जानकारी नहीं है। हां मंच पर मुख्यमंत्री ने उनसे यह जरूर कहा कि टेक्निकल खामी के चलते यह कार्यक्रम नहीं हो सका। इसके लिए नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव की ड्यूटी लगा दी गई है। भविष्य में इसे अवश्य पूरा किया जाएगा।
इस संबंध में सैनी सभा के अध्यक्ष हरीश सैनी का कहना है कि इस मामले में राजनीति हो गई है। यह मूर्ति पुरानी ही है। पहले भी 16 नवंबर को इसका उद्घाटन करने की तैयारी हो गई थी। तब प्रशासन की ओर से कोई टेक्निकल इश्यू नहीं उठाया गया था। उन्होंने कहा कि मूर्ति सैनी सभा की जमीन पर ही है। हमने 5 फुट सड़क पर जगह छोड़ी हुई है और उसी जमीन पर इस मूर्ति को बनाया गया था। लेकिन अब इसे एनओसी का मामला कहकर रोक दिया गया है। सुबह डीसी मैडम ने इस संबंध में जानकारी दी और उसके बाद अनावरण कार्यक्रम रोकना पड़ा।
इस संबंध में नारनौल के एसडीएम और मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी गुरविंदर सिंह का कहना है कि वह आज सुबह ही इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी बनाए गए थे। इससे पहले उन्हें महेंद्रगढ़ या मैसेज च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज कोरियावास के लिए जिम्मेवारी दी गई थी। मुझे जैसे टूर प्रोग्राम की जानकारी दी गई थी, उसमें धर्मशाला में मुख्यमंत्री के आने का संदेश था। उसी के अनुरूप वे कार्रवाई में जुटे हुए थे।
